महाराष्ट्र

ट्रेन में आधी रात हुई डिलीवरी, यात्रियों ने की मदद

Saba Naaz
15 July 2026 7:49 PM IST
ट्रेन में आधी रात हुई डिलीवरी, यात्रियों ने की मदद
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मुंबई। नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में एक अनोखा और भावुक करने वाला मामला सामने आया। चलती ट्रेन में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन में मौजूद बॉम्बे हॉस्पिटल की नर्स ने समय पर मदद पहुंचाकर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। इस घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 3 जून की सुबह हुई, जब नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस अपने सफर पर थी। ट्रेन के एस-5 कोच में यात्रा कर रहीं अंजुम वसीम अख्तर को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। बताया गया कि भुसावल जंक्शन से ट्रेन के रवाना होने के कुछ देर बाद ही उन्हें लेबर पेन महसूस हुआ।

शुरुआत में अंजुम ने दर्द को सहन करने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति गंभीर हो गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों को इसकी जानकारी दी गई। इसी दौरान कोच में सफर कर रहीं बॉम्बे हॉस्पिटल की नर्स मीनू भैसारे को इस बारे में पता चला।

मीनू भैसारे ने तुरंत स्थिति को समझते हुए महिला की मदद करने का फैसला किया। उन्होंने ट्रेन में उपलब्ध संसाधनों के सहारे डिलीवरी कराने की तैयारी की। रात करीब 1:30 बजे चलती ट्रेन में ही अंजुम ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

नर्स की सूझबूझ और समय पर मिली मदद से महिला और नवजात दोनों सुरक्षित रहे। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने भी इस दौरान सहयोग किया और महिला को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई।

डिलीवरी के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई। महिला और बच्ची की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। यात्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को यादगार बताया और नर्स मीनू भैसारे के प्रयासों की सराहना की।

बताया जा रहा है कि अंजुम वसीम अख्तर यात्रा के दौरान अपने परिवार के साथ थीं। अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उनके लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी, लेकिन समय पर मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।

रेल यात्रा के दौरान प्रसव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन चलती ट्रेन में सुरक्षित डिलीवरी कराना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में ट्रेन में मौजूद डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस घटना में भी नर्स मीनू भैसारे की मौजूदगी महिला और बच्ची के लिए मददगार साबित हुई। उन्होंने बिना किसी देरी के अपनी चिकित्सा जानकारी का इस्तेमाल किया और सुरक्षित प्रसव कराने में अहम भूमिका निभाई।

घटना के बाद यात्रियों ने बच्ची के जन्म को ट्रेन के सफर की सबसे यादगार घटना बताया। कई यात्रियों ने कहा कि आमतौर पर ट्रेन यात्रा में लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने की चिंता करते हैं, लेकिन इस सफर में एक नई जिंदगी का स्वागत हुआ।

फिलहाल मां और बच्ची दोनों के स्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में किसी की छोटी सी मदद भी बड़ी राहत दे सकती है।

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