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मुंबई मेट्रो लाइन-5 को मिलेगी रफ्तार, काशेली मेट्रो डिपो का काम तेज

Kavita2
15 July 2026 5:37 PM IST
मुंबई मेट्रो लाइन-5 को मिलेगी रफ्तार, काशेली मेट्रो डिपो का काम तेज
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मुंबई : मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने मुंबई मेट्रो लाइन-5 परियोजना को गति देने के लिए काशेली मेट्रो डिपो के निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। ठाणे-भिवंडी-कल्याण-उल्हासनगर मेट्रो कॉरिडोर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे इस डिपो का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। जून 2026 तक इस परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 23 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

MMRDA के अनुसार, काशेली मेट्रो डिपो मेट्रो लाइन-5 के संचालन और रखरखाव के लिए मुख्य केंद्र के रूप में काम करेगा। यह डिपो ट्रेन संचालन की निगरानी, मरम्मत, जांच और अन्य तकनीकी गतिविधियों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगा।

27 हेक्टेयर में बन रहा है अत्याधुनिक डिपो

काशेली मेट्रो डिपो ठाणे जिले में काशेली टोल प्लाजा के पास लगभग 27 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यह करीब 32 किलोमीटर लंबे ठाणे-भिवंडी-कल्याण-उल्हासनगर मेट्रो कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा।

मेट्रो लाइन-5 को मुंबई महानगर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके शुरू होने से ठाणे, भिवंडी, कल्याण और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों यात्रियों को बेहतर और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पर्यावरण मंजूरी के बाद तेज हुआ काम

अधिकारियों के अनुसार, अगस्त 2025 में जरूरी कानूनी पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद काशेली डिपो के निर्माण कार्य में तेजी आई। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसियों ने काम की गति बढ़ाई और अब परियोजना लगातार प्रगति कर रही है।

MMRDA डिपो निर्माण को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जरूरी सुविधाएं जल्द से जल्द तैयार हो जाएं, जिससे पूरी परियोजना पूरी होने से पहले ही ट्रेनों की टेस्टिंग, निरीक्षण, रखरखाव और कमीशनिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जा सकें।

मेट्रो संचालन के लिए होगा महत्वपूर्ण केंद्र

मेट्रो डिपो किसी भी मेट्रो नेटवर्क की रीढ़ माने जाते हैं। यहां ट्रेनों की पार्किंग, तकनीकी जांच, मरम्मत और नियमित रखरखाव किया जाता है। काशेली डिपो भी मेट्रो लाइन-5 के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डिपो में ट्रेन स्टेबलिंग लाइन, मेंटेनेंस सुविधाएं, वर्कशॉप, प्रशासनिक भवन और अन्य जरूरी तकनीकी ढांचे विकसित किए जाएंगे। इससे मेट्रो सेवाओं को समय पर संचालित करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में मदद मिलेगी।

ठाणे-भिवंडी-कल्याण क्षेत्र को मिलेगा फायदा

मेट्रो लाइन-5 को मुंबई महानगर क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। ठाणे, भिवंडी और कल्याण जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में आबादी और यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है।

इस मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने से सड़क यातायात पर दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को कम समय में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

भिवंडी क्षेत्र व्यापार और उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से यहां आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा निर्माण

MMRDA ने परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि पहले उन सुविधाओं को तैयार किया जा रहा है जो ट्रेन संचालन की शुरुआत के लिए जरूरी होंगी।

इस रणनीति के तहत डिपो की जरूरी संरचनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि मेट्रो लाइन के परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें।

मुंबई के मेट्रो नेटवर्क विस्तार में अहम कदम

मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को यातायात सुधार के लिए अहम माना जा रहा है। मेट्रो लाइन-5 भी इसी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है।

काशेली मेट्रो डिपो के निर्माण में हो रही प्रगति को परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। MMRDA का लक्ष्य है कि इस डिपो को समय पर तैयार किया जाए, जिससे मेट्रो लाइन-5 के संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।

आने वाले समय में जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, इस परियोजना से जुड़े अन्य हिस्सों में भी तेजी आने की उम्मीद है। काशेली डिपो के पूरा होने के बाद ठाणे-भिवंडी-कल्याण क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है।

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