महाराष्ट्र

मिलावटखोरों पर चला मुंढे का डंडा पनीर खोया का बड़ा स्टॉक जब्त

Ratna Netam
11 Sept 2026 3:22 PM IST
मिलावटखोरों पर चला मुंढे का डंडा पनीर खोया का बड़ा स्टॉक जब्त
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मुंबई। त्योहारों के दौरान दूध से बने खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री के खिलाफ महाराष्ट्र में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत करीब **10 टन पनीर और 5,000 किलो खोया** जब्त किया है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पकड़े जाने के बाद मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
FDA की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में घटिया, मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना है। विशेष रूप से पनीर, खोया, मिठाई, दूध, घी और दूसरे डेयरी उत्पाद विभाग की निगरानी में हैं। त्योहारों और मांग बढ़ने के दौरान ऐसे उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ती है और इसी समय मिलावट की शिकायतें भी अधिक सामने आती हैं।
तुकाराम मुंढे को सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाना जाता है। FDA की कमान संभालने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज की गई है।
10 टन पनीर जब्त होने से मचा हड़कंप
FDA की टीमों ने अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर पनीर की गुणवत्ता और उसके निर्माण तथा भंडारण की परिस्थितियों की जांच की। संदिग्ध पाए जाने पर बड़ी मात्रा में पनीर जब्त किया गया।
कुल मिलाकर करीब 10 टन पनीर कार्रवाई के दायरे में आया है। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर की जब्ती यह बताती है कि विभाग खुदरा दुकानों के साथ सप्लाई चेन और बड़े स्तर पर माल उपलब्ध कराने वाले कारोबारियों पर भी नजर रख रहा है।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के नमूने भी लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाता है, जहां यह पता लगाया जाता है कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
इसलिए जब्त किए गए पूरे पनीर को लैब रिपोर्ट आने से पहले निश्चित रूप से 'नकली' कहना उचित नहीं होगा। अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।
5000 किलो खोया भी पकड़ा
पनीर के अलावा FDA ने करीब **5,000 किलो खोया** भी जब्त किया है। मिठाइयों के निर्माण में खोया सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले डेयरी उत्पादों में से एक है। त्योहारों के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है।
मांग बढ़ने के साथ बाजार में कम गुणवत्ता वाले या मिलावटी खोये की आपूर्ति का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों से पहले मिठाई की दुकानों, डेयरी इकाइयों और खोया सप्लायरों की जांच तेज कर देता है।
जब्त खोये के नमूनों की जांच के बाद ही तय होगा कि उसमें किसी प्रतिबंधित या नुकसानदायक पदार्थ की मिलावट थी अथवा गुणवत्ता संबंधी दूसरी कमी।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में सख्त अभियान
IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपनी सख्त और नियम आधारित प्रशासनिक शैली के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में भी उनका फोकस नियमों को सख्ती से लागू कराने पर दिखाई दे रहा है।
FDA अधिकारियों को खाद्य उत्पादों की नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें केवल नमूने लेना ही शामिल नहीं है, बल्कि खाद्य पदार्थ बनाने वाली जगहों पर स्वच्छता, लाइसेंस, स्टोरेज, तापमान और कच्चे माल की गुणवत्ता की भी जांच की जाती है।
खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता करने पर कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों से पहले क्यों बढ़ जाता है खतरा?
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पनीर और दूसरे दूध उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। सामान्य दिनों की तुलना में कई दुकानों और सप्लायरों को कम समय में ज्यादा माल तैयार करना पड़ता है।
ऐसे समय में कुछ कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गुणवत्ता से समझौता कर सकते हैं। दूध या खोये में सस्ते पदार्थ मिलाने से लेकर खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद बाजार में पहुंचाने तक की शिकायतें सामने आती हैं।
यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाता है। उत्पादन केंद्र से लेकर दुकान तक अलग-अलग स्तर पर जांच की जाती है।
कैसे होती है पनीर की जांच?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पनीर का नमूना लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में भेजते हैं। यहां उसके फैट, नमी और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों समेत कई पहलुओं की जांच की जा सकती है।
अगर जांच में उत्पाद मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर जुर्माने से लेकर लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई तक हो सकती है।
गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
उपभोक्ता कैसे पहचानें संदिग्ध पनीर?
आम ग्राहक के लिए केवल देखकर यह तय करना आसान नहीं है कि पनीर असली है या मिलावटी। इसलिए केवल घरेलू परीक्षणों पर निर्भर रहने के बजाय विश्वसनीय और लाइसेंस प्राप्त दुकान से खाद्य सामग्री खरीदना बेहतर है।
पनीर खरीदते समय उसके रंग, गंध और बनावट पर ध्यान देना चाहिए। असामान्य गंध, अत्यधिक चिपचिपापन या लंबे समय से खुले में रखा पनीर खरीदने से बचना चाहिए।
पैक्ड पनीर खरीदते समय पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी तारीख, FSSAI लाइसेंस नंबर तथा स्टोरेज संबंधी निर्देश जरूर देखें।
खोया खरीदते समय बरतें सावधानी
खोया जल्दी खराब होने वाला खाद्य पदार्थ है। इसलिए इसे सही तापमान पर रखना जरूरी है। बाजार से खोया खरीदते समय साफ-सफाई और स्टोरेज की स्थिति देखनी चाहिए।
अगर खोये से असामान्य गंध आ रही हो, उसका रंग सामान्य से अलग हो या दुकानदार उसे लंबे समय से खुले में रखे हुए हो तो खरीदने से बचना बेहतर है।
मिठाइयां खरीदते समय भी प्रतिष्ठित दुकान को प्राथमिकता देनी चाहिए। बेहद सस्ती कीमत में बिक रही दूध आधारित मिठाइयों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना उपयोगी हो सकता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थ से स्वास्थ्य को खतरा
मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दूषित खाद्य सामग्री से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
यदि उत्पाद में किसी असुरक्षित रसायन या गैर-खाद्य पदार्थ की मिलावट हो तो जोखिम और गंभीर हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों पर दूषित भोजन का असर ज्यादा हो सकता है।
यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग बड़े स्तर पर संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे तुरंत बिक्री से रोकता है और नमूने जांच के लिए भेजता है।
कारोबारियों पर भी कड़ी नजर
FDA की टीमें केवल बाजार में बिक रहे अंतिम उत्पाद की जांच नहीं कर रही हैं। डेयरी उत्पाद कहां बन रहे हैं, उन्हें किस तरह स्टोर किया जा रहा है और दुकानों तक कैसे पहुंचाया जा रहा है, इन सभी स्तरों पर निगरानी महत्वपूर्ण है।
अगर किसी उत्पादन इकाई में गंदगी, लाइसेंस संबंधी अनियमितता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो विभाग कार्रवाई कर सकता है।
बड़े पैमाने पर चल रहे अभियान का उद्देश्य कारोबारियों के बीच यह संदेश देना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर बाजार में उत्पाद बेचना आसान नहीं होगा।
लैब रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि जब्त पनीर और खोया खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
अगर नमूने असुरक्षित या मिलावटी पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है। वहीं रिपोर्ट के आधार पर जब्त माल के निस्तारण या दूसरी प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल करीब 10 टन पनीर और 5,000 किलो खोया जब्त किए जाने की कार्रवाई ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ा दी है। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की सख्ती से साफ संकेत मिल रहा है कि त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले दूध उत्पादों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए भी यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि पनीर, खोया और मिठाई खरीदते समय कीमत के साथ गुणवत्ता और विक्रेता की विश्वसनीयता को प्राथमिकता दें।
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