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वसई-विरार। वसई-विरार क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़े जाने का दावा किया है। पुलिस ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर शिरसाड फाटा के पास एक कार से करीब 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।
बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच यूनिट 2 को सोमवार को सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में नकली करेंसी ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की ओर जाने वाली सड़क पर निगरानी बढ़ाई और शिरसाड फाटा के पास जाल बिछाया।
सूचना के आधार पर पुलिस ने लगाया नाका
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली जानकारी में एक संदिग्ध चार पहिया वाहन के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हाईवे पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की।
कुछ समय बाद पुलिस को बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता वाहन नजर आया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नोट मिले। प्रारंभिक जांच में इन नोटों के नकली होने का संदेह जताया गया है।
इसके बाद वाहन में मौजूद संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया और बरामद नोटों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
करीब 1 करोड़ रुपये के नोट बरामद
🚨 ₹1 Crore Fake Currency Seized in Virar!
— Vasai Virar (@vasaivirarinfra) August 11, 2026
Vasai-Virar Crime Branch Unit 2 seized counterfeit currency with a face value of ₹1 crore from a car at Shirsad Phata on the Mumbai-Ahmedabad Highway.
Acting on a tip-off, police intercepted the suspicious vehicle and found a bag… pic.twitter.com/hKSOsgDLzf
पुलिस ने कार से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की नकली करेंसी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, बरामद नोटों की वास्तविक स्थिति और उनकी गुणवत्ता की विस्तृत पुष्टि संबंधित जांच और विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
नकली नोटों की बरामदगी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध करेंसी की बरामदगी से इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास ये नोट कहां से आए और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
हाईवे पर चल रही थी संदिग्ध गतिविधि
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे मुंबई और गुजरात के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध वाहन पर नजर रखना और उसे रोककर जांच करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण काम होता है।
क्राइम ब्रांच को मिली सूचना के आधार पर शिरसाड फाटा के पास की गई कार्रवाई में पुलिस को सफलता मिली। अधिकारियों ने संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली और इसके बाद कथित तौर पर नकली नोटों की खेप बरामद हुई।
पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि वाहन ने यात्रा कहां से शुरू की थी और उसका अंतिम गंतव्य क्या था।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
एक करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी मिलने के बाद जांच केवल वाहन और उसमें मौजूद व्यक्ति तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर नकली नोटों के स्रोत और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या इससे पहले भी इसी नेटवर्क के जरिए नकली नोटों की खेप भेजी गई थी।
यदि जांच में किसी संगठित गिरोह के बारे में जानकारी सामने आती है, तो उसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए आगे कार्रवाई की जा सकती है।
नोटों की जांच भी अहम
नकली करेंसी के मामलों में बरामद नोटों की विशेषज्ञों से जांच कराना महत्वपूर्ण होता है। जांच के जरिए यह पुष्टि की जाती है कि बरामद नोट वास्तव में नकली हैं और उनमें किस तरह की खामियां हैं।
पुलिस बरामद करेंसी के साथ-साथ वाहन और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना सकती है। इसके अलावा, संदिग्ध व्यक्ति के मोबाइल फोन, संपर्कों और यात्रा से जुड़े विवरणों की जांच भी मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद कर सकती है।
हालांकि, जांच की विस्तृत जानकारी पुलिस की ओर से अभी सामने नहीं आई है।
एक संदिग्ध हिरासत में
कार से नकली नोटों की बरामदगी के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे नकली करेंसी की खेप किसने दी थी और वह इसे लेकर कहां जा रहा था।
पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही इस मामले में अन्य आरोपियों या किसी गिरोह की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल क्राइम ब्रांच यूनिट 2 की कार्रवाई के बाद नकली करेंसी की बरामदगी का मामला जांच के दौर में है। पुलिस ने संदिग्ध वाहन को अपने कब्जे में लेकर बरामद नोटों की जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी कहां तैयार की गई, इसे किसने उपलब्ध कराया और इसे बाजार में खपाने की योजना क्या थी।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच और पूछताछ पर नजर रहेगी। यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क का पता चलता है, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या बरामदगी हो सकती है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।





