महाराष्ट्र

अकोला बालापुर में Congress की अफरीन परवीन की जोरदार जीत, 60 साल बाद बदलाव

Gulabi Jagat
21 Dec 2025 2:25 PM IST
अकोला बालापुर में Congress की अफरीन परवीन की जोरदार जीत, 60 साल बाद बदलाव
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Maharashtra महाराष्ट्र: Akola: अकोला जिले के बालापुर नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली है। कांग्रेस की उम्मीदवार अफरीन परवीन मोहम्मद जमीर ने नगराध्यक्ष का चुनाव जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,927 वोटों के अंतर से हराया।
इस जीत के साथ वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) को बड़ा झटका लगा है। खास बात यह है कि पिछले करीब 60 वर्षों से बालापुर में नातिकुद्दीन खतीब का दबदबा रहा था, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का संकेत दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत कांग्रेस के लिए क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने का संकेत है।
अफरीन परवीन की जीत ने स्थानीय राजनीति में नया रुझान दिखाया है और नगर पालिका में प्रशासनिक निर्णयों और विकास योजनाओं में कांग्रेस की सक्रिय भूमिका बढ़ने की संभावना है।
हाराष्ट्र में 286 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में मतगणना प्रक्रिया सुबह से अलग‑अलग केंद्रों पर शुरू हुई। इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे आने वाले नगर निगम चुनावों की दिशा का संकेत दे सकते हैं।
ये चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे। पहले चरण में 263 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर को मतदान कराया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में शेष 23 नगर परिषदों और कुछ खाली पदों के लिए शनिवार को वोट डाले गए। दोनों चरणों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ बीजेपी‑नेतृत्व वाली महायुति और विपक्षी महा विकास आघाड़ी के बीच देखा गया। कई जगहों पर गठबंधन के भीतर भी मुकाबले की स्थिति बनी, जहां सहयोगी दलों के उम्मीदवार आमने‑सामने थे। इसे स्थानीय स्तर पर “फ्रेंडली फाइट” माना गया।
मतगणना शुरू होने से पहले ही कुछ जगहों पर निर्विरोध नतीजे सामने आ चुके थे। जानकारी के अनुसार तीन बीजेपी मंत्रियों को निर्विरोध जीत मिली है। इसके अलावा दो नगर परिषद और एक ग्राम पंचायत में भी बिना मुकाबले पार्टी की जीत दर्ज हुई।
शुरुआती रुझानों में कई जिलों से सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में बढ़त की खबरें सामने आई हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन भी कुछ क्षेत्रों में मजबूत स्थिति बनाए हुए है। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम और आधिकारिक आंकड़े आने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी।
इस चुनाव में बारामती और अंबरनाथ जैसे प्रमुख नगर निकायों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बारामती को राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र माना जाता है, वहीं अंबरनाथ जैसे शहरी क्षेत्र के नतीजे शहरी मतदाताओं के रुझान को दिखा सकते हैं। राजनीतिक दल इन नतीजों को भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय निकाय चुनावों को राज्य की जमीनी राजनीति का पैमाना माना जाता है। इन नतीजों से यह साफ होगा कि शहरों और कस्बों में मतदाताओं का भरोसा किस राजनीतिक धड़े के साथ है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि हाल के राजनीतिक बदलावों का असर स्थानीय स्तर पर कितना पड़ा है।
मतगणना का काम पूरा होने के बाद सभी नगर परिषद और नगर पंचायतों की अंतिम सीटों का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदों के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
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