महाराष्ट्र

छत्रपति शिवाजी महाराज सभी के श्रद्धेय, जाति-समुदाय के आधार पर विवाद उचित नहीं: उदय सामंत

SHIDDHANT
18 Jun 2026 9:50 PM IST
छत्रपति शिवाजी महाराज सभी के श्रद्धेय, जाति-समुदाय के आधार पर विवाद उचित नहीं: उदय सामंत
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Nashik नासिक। मुंबई के मालाड (पूर्व) स्थित शिवाजी चौक में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के जिरेटोप (सिर पर पहने जाने वाले शाही मुकुटनुमा वस्त्र) पर जैन समुदाय का ध्वज लगाए जाने को लेकर उपजे विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने प्रतिक्रिया दी है। उदय सामंत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में उनका सम्मान और आदर किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज से जुड़े किसी भी विषय को जाति या समुदाय के आधार पर बांटना उचित नहीं है।
मंत्री ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्हें किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके नाम पर किसी भी प्रकार का सामाजिक या सामुदायिक विभाजन पैदा करना सही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग किसी प्रतिमा पर झंडा लगाते हैं या इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होते हैं, उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए। ऐसे मामलों में सभी पक्षों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए ताकि किसी प्रकार का तनाव या विवाद पैदा न हो।
उदय सामंत ने दोहराया कि छत्रपति शिवाजी महाराज सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लिए समान रूप से सम्माननीय हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और महापुरुषों के सम्मान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक या सामुदायिक रंग न देने की अपील की। मालाड में प्रतिमा पर ध्वज लगाए जाने की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
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