महाराष्ट्र

बांद्रा बैंडस्टैंड विवाद: MMB ने BBRT पर लगाए अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप

Kavita2
12 July 2026 10:24 AM IST
बांद्रा बैंडस्टैंड विवाद: MMB ने BBRT पर लगाए अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप
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Mumbai मुंबई: मुंबई के प्रसिद्ध बांद्रा बैंडस्टैंड प्रोमेनेड के रखरखाव को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर वित्तीय जांच के दायरे में आ गया है। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) ने बांद्रा बैंडस्टैंड रेजिडेंट ट्रस्ट (BBRT) पर आरोप लगाया है कि उसने प्रोमेनेड के मेंटेनेंस और ब्रांडिंग के काम में अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। MMB का कहना है कि BBRT ने बिना उचित अनुमति के एक तीसरे पक्ष को इस काम में शामिल किया, जो नियमों के खिलाफ है।

यह विवाद शुरुआत में स्थानीय स्तर पर कुत्ते को घुमाने को लेकर हुए विवाद के रूप में सामने आया था, लेकिन अब मामला वित्तीय पारदर्शिता और अधिकारों के इस्तेमाल तक पहुंच गया है। MMB ने BBRT और फार्मास्युटिकल कंपनी USV Pvt Ltd के बीच हुए समझौते और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू करने की तैयारी की है।

मैरीटाइम अथॉरिटी ने BBRT से पिछले पांच वर्षों के बैंक स्टेटमेंट और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने को कहा है। इन दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्रोमेनेड के रखरखाव, सौंदर्यीकरण और ब्रांडिंग से जुड़े कार्यों में किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ है या नहीं।

MMB का दावा: बांद्रा बैंडस्टैंड पर उसका अधिकार

महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड का कहना है कि बांद्रा बैंडस्टैंड प्रोमेनेड उसकी संपत्ति है और इसके प्रबंधन को लेकर BBRT के साथ किया गया अनुबंध वर्ष 2022 में आगे नहीं बढ़ाया गया था। MMB के अनुसार, इसके बावजूद BBRT ने प्रोमेनेड के रखरखाव और प्रचार संबंधी गतिविधियों में अपनी भूमिका जारी रखी और USV Pvt Ltd को इसमें शामिल कर लिया।

MMB का आरोप है कि BBRT को केवल स्थानीय स्तर पर सहयोग और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उसने इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए तीसरे पक्ष को शामिल कर लिया। बोर्ड का कहना है कि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े कार्य में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

USV Pvt Ltd के साथ साझेदारी पर सवाल

BBRT ने बांद्रा बैंडस्टैंड प्रोमेनेड के रखरखाव और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए USV Pvt Ltd के साथ सहयोग किया था। इस साझेदारी के तहत प्रोमेनेड की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य सुविधाओं को लेकर काम किया गया।

हालांकि, MMB का कहना है कि BBRT को इस तरह किसी निजी कंपनी को शामिल करने का अधिकार नहीं था। बोर्ड यह जांचना चाहता है कि USV Pvt Ltd और BBRT के बीच हुए समझौते की शर्तें क्या थीं और इसमें किसी प्रकार का वित्तीय लाभ या भुगतान शामिल था या नहीं।

पांच साल के रिकॉर्ड की होगी जांच

MMB ने BBRT को निर्देश दिया है कि वह पिछले पांच वर्षों के बैंक रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए। इन दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रोमेनेड के रखरखाव के लिए मिले धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

अथॉरिटी यह भी जांच करेगी कि क्या निजी कंपनी के साथ हुए समझौते में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

स्थानीय विवाद से शुरू हुआ मामला

इस पूरे विवाद की शुरुआत स्थानीय निवासियों के बीच कुत्ते को घुमाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। बांद्रा बैंडस्टैंड इलाके में रहने वाले कुछ लोगों और अन्य नागरिकों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद सामने आए थे।

लेकिन बाद में यह मामला प्रोमेनेड के प्रबंधन, रखरखाव और अधिकारों को लेकर बड़े विवाद में बदल गया। MMB की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब पूरा मामला प्रशासनिक और वित्तीय जांच की ओर बढ़ गया है।

BBRT की भूमिका पर उठे सवाल

BBRT लंबे समय से बांद्रा बैंडस्टैंड क्षेत्र के रखरखाव और स्थानीय सुविधाओं को लेकर सक्रिय रहा है। ट्रस्ट का दावा रहा है कि उसने क्षेत्र की सुंदरता बनाए रखने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए काम किया है।

हालांकि, MMB का आरोप है कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े कार्यों में निजी संस्था को शामिल करने से पहले आवश्यक अनुमति लेना जरूरी था। बोर्ड का मानना है कि बिना अनुमति किसी तीसरे पक्ष को जिम्मेदारी देना अधिकारों का दुरुपयोग माना जा सकता है।

आगे बढ़ सकती है जांच

अब सभी की नजर MMB और BBRT के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर है। बैंक स्टेटमेंट और ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वित्तीय लेन-देन में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

बांद्रा बैंडस्टैंड मुंबई के सबसे लोकप्रिय समुद्री किनारों में से एक है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे में इसके रखरखाव और प्रबंधन से जुड़ी किसी भी गतिविधि में पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल MMB ने दस्तावेजों की मांग कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। BBRT की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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