महाराष्ट्र

मुंबई में जलवायु संकट के बीच BMC का बड़ा कदम, 20,730 करोड़ का जलवायु बजट घोषित

Kavita2
19 Jun 2026 11:17 AM IST
मुंबई में जलवायु संकट के बीच BMC का बड़ा कदम, 20,730 करोड़ का जलवायु बजट घोषित
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Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देर से पहुंचने, जलाशयों में घटते जलस्तर और पानी की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जलवायु-अनुकूल परियोजनाओं पर 20,730 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

यह आवंटन पिछले वर्ष के 16,321 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है और यह BMC के कुल 48,164 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय बजट का लगभग 43.04 प्रतिशत हिस्सा है। यह कदम मुंबई क्लाइमेट एक्शन प्लान (MCAP) के तहत शहर को 2050 तक जलवायु-अनुकूल और नेट-जीरो शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

शहर में लगातार बदलते मौसम पैटर्न, बढ़ते तापमान और पानी की कमी की आशंका को देखते हुए यह बजट विशेष रूप से “हीट रेजिलिएंस” यानी गर्मी से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य मुंबई को भविष्य में जलवायु जोखिमों से सुरक्षित बनाना है।

इस जलवायु बजट में कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसमें रूफटॉप सोलर सिस्टम का विस्तार, ऊर्जा बचत के लिए LED लाइटिंग, विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, शहरी हरियाली बढ़ाने की परियोजनाएं, टिकाऊ परिवहन व्यवस्था, वायु गुणवत्ता सुधार और बाढ़ व जल संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

नगर निगम का मानना है कि इन निवेशों से न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि शहर की बुनियादी ढांचे की क्षमता भी मजबूत होगी। खासकर जल संकट और अत्यधिक गर्मी की समस्या से निपटने में यह योजनाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं।

इसके अलावा BEST उपक्रम द्वारा किए गए आवंटन को भी इस जलवायु बजट में शामिल किया गया है। इसके साथ ही मुंबई का कुल जलवायु व्यय पूंजीगत खर्च में 20,731 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय में 4,633 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर के लिए यह कदम समय की जरूरत है। बदलते जलवायु पैटर्न और बढ़ते शहरी दबाव के बीच इस तरह के निवेश शहर की दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता के लिए जरूरी हैं।

मुंबई क्लाइमेट एक्शन प्लान के तहत यह लक्ष्य रखा गया है कि 2050 तक शहर को कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाकर नेट-जीरो स्तर तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकार और नगर निगम दोनों स्तर पर लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल बजट आवंटन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

कुल मिलाकर, BMC का यह बड़ा जलवायु बजट मुंबई को भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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