महाराष्ट्र

Navi मुंबई में अवैध निर्माण का आरोप, शिवसेना का विरोध प्रदर्शन

Kavita2
25 Jun 2026 11:42 AM IST
Navi मुंबई में अवैध निर्माण का आरोप, शिवसेना का विरोध प्रदर्शन
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Maharashtra महाराष्ट्र: नवी मुंबई में कथित अवैध निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना की ओर से इस मामले में विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसकी अगुवाई पार्टी के डिप्टी सिटी चीफ Siddharam Shilwant ने की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित प्लॉट पर स्वीकृत बिल्डिंग प्लान से अधिक निर्माण किया गया है और नियमों का उल्लंघन कर संरचनाएं खड़ी की गई हैं।

सिद्धाराम शिलवंत ने दावा किया कि निर्माण कार्य में अनिवार्य सेटबैक मार्जिन का भी गलत तरीके से उपयोग किया गया है, जो निर्माण नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिसर के भीतर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के कई शेड बनाए गए हैं, जिनका उपयोग अब विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

शिवसेना नेताओं के अनुसार, यह पूरा मामला नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Navi Mumbai Municipal Corporation) की भूमि से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि यह जमीन विशेष रूप से डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित थी, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।

पार्टी नेताओं ने यह भी दावा किया कि इस क्षेत्र में लगभग 70 फीट गुणा 30 फीट आकार की नौ कमर्शियल यूनिट्स का निर्माण किया गया है। इन यूनिट्स का उपयोग कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जो भूमि उपयोग नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि सरकारी या आरक्षित भूमि पर इस तरह का निर्माण बिना अनुमति के किया गया है, तो यह गंभीर अनियमितता है और इसकी जांच होनी चाहिए।

स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार संबंधित विभाग स्थिति की जानकारी जुटा रहा है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

इस मुद्दे के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और स्थानीय लोगों में भी इस निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि यह जमीन वास्तव में डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित थी, तो उसका व्यावसायिक उपयोग गंभीर चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आरक्षित या सरकारी भूमि पर निर्माण और उपयोग परिवर्तन के लिए स्पष्ट अनुमति और प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है। बिना अनुमति निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे शहरी योजना और पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।

शिवसेना ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पार्टी ने यह भी कहा है कि इस तरह के मामलों पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कुल मिलाकर, नवी मुंबई में यह मामला अवैध निर्माण, भूमि उपयोग नियमों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है, जिस पर अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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