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Ajit Doval को मिलेगा लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार, अमित शाह करेंगे सम्मानित

Pune, पुणे। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल को इस साल के प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से हर साल लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर यह सम्मान दिया जाता है। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने पत्रकार वार्ता में पुरस्कार की घोषणा की।
अजित डोवाल को यह पुरस्कार 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। पुणे के मुकुंदनगर स्थित कटारिया हाईस्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहेंगे।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार के तहत विजेता को स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार वर्ष 1983 से दिया जा रहा है और अब तक देश के कई प्रमुख नेताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत की हस्तियों को इससे सम्मानित किया जा चुका है।डॉ. रोहित तिलक ने कहा कि अजित डोवाल ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डोवाल की पहचान एक ऐसे रणनीतिक विशेषज्ञ के रूप में है, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा नीतियों में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि अजित डोवाल ने ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन हॉट परसूट, बालाकोट एयर स्ट्राइक और डोकलाम विवाद के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुरक्षा नीति और रणनीतिक रुख को मजबूती से रखने में भी उनका योगदान अहम रहा है।अजित डोवाल ने अपने करियर का लंबा समय खुफिया सेवा में बिताया है। उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नेतृत्व किया और इसके निदेशक के रूप में भी काम किया। वह 33 वर्षों से अधिक समय तक खुफिया अधिकारी के रूप में देश की सेवा कर चुके हैं।
ट्रस्ट के अनुसार, देश की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और गुप्त अभियानों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया जा चुका है। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, सोनिया गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, शरद पवार, नितिन गडकरी, राहुल बजाज, एनआर नारायण मूर्ति, डॉ. के. सिवन और सुधा मूर्ति समेत कई प्रमुख लोगों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।
डॉ. रोहित तिलक ने कहा कि लोकमान्य तिलक के स्वराज्य, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा और बहिष्कार के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन लोगों को सम्मानित करता है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।





