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नई दिल्ली/हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में इंडियन ऑयल के रिटेल सेल्स ऑफिसर महेश शेल्के की ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस घटना पर गंभीर रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं।
घटना मंगलवार को हिंगोली जिले की बसमत तहसील के अंबाचोंडी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुई। जानकारी के अनुसार महेश शेल्के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े रिटेल सेल्स ऑफिसर थे और अपनी टीम के साथ संबंधित रिटेल आउटलेट को सील करने की प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे थे।
इसी दौरान वहां कथित तौर पर विवाद की स्थिति बनी और महेश शेल्के पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि उन पर चाकू से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
ड्यूटी के दौरान हुई इस हत्या ने इंडियन ऑयल के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद फील्ड अधिकारियों की सुरक्षा और संवेदनशील कार्रवाई के दौरान उन्हें मिलने वाले सुरक्षा सहयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मामले की जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इस मामले में पुलिस अब हमले की परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों और घटना से पहले हुए विवाद की पूरी कड़ी खंगाल रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आउटलेट सील करने की कार्रवाई के दौरान मौके पर कितने लोग मौजूद थे और विवाद किस कारण बढ़ा।
महेश शेल्के की टीम वहां आधिकारिक कार्यवाही के तहत पहुंची थी। ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि क्या पेट्रोल पंप से जुड़े लोगों को पहले से कार्रवाई की जानकारी थी और क्या मौके पर किसी तरह का विरोध पहले से चल रहा था।
पुलिस घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा सकती है। यदि आसपास कैमरे लगे थे तो उनसे घटना के सटीक क्रम को समझने में मदद मिलेगी।
हत्या के बाद इंडियन ऑयल ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया है। संगठन ने कंपनी प्रबंधन के सामने फील्ड अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाया है और जोखिम वाले स्थानों पर कर्मचारियों को भेजे जाने से पहले मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कर्मचारी अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभाने के लिए मौके पर गया था। किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के अधिकारी पर ड्यूटी के दौरान हमला संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है।
रिटेल सेल्स ऑफिसर की जिम्मेदारी में पेट्रोल पंपों का निरीक्षण, नियमों का पालन सुनिश्चित करना, बिक्री व्यवस्था की निगरानी और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई शामिल हो सकती है। ऐसे मामलों में यदि किसी आउटलेट पर गंभीर अनियमितता या कार्रवाई की स्थिति बनती है, तो अधिकारी को विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है।
इसी कारण अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि संवेदनशील निरीक्षण या सीलिंग जैसी कार्रवाई के दौरान फील्ड अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। जोखिम का पहले से आकलन करके टीम की तैनाती की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महेश शेल्के की हत्या के बाद कर्मचारियों में यह चिंता बढ़ी है कि यदि किसी विवादित आउटलेट पर कार्रवाई करनी हो तो उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
इस संबंध में इंडियन ऑयल के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े संगठन प्रबंधन से स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग कर रहे हैं। इनमें स्थानीय पुलिस को पहले से सूचना, संयुक्त टीम में कार्रवाई और खतरे की आशंका होने पर अतिरिक्त सुरक्षा शामिल हो सकती है।
पुलिस जांच में हमले के पीछे वास्तविक कारण का पता लगाना भी अहम होगा। अभी आरोपियों के मकसद और घटना के पूरे घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच अधिकारी यह भी देखेंगे कि हमला अचानक हुआ या किसी पूर्व विवाद का परिणाम था। इसके लिए पेट्रोल पंप प्रबंधन और इंडियन ऑयल के बीच पूर्व में हुई बातचीत और आधिकारिक पत्राचार भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
महेश शेल्के की मौत के बाद उनके परिवार पर भी दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। सहकर्मियों ने घटना पर शोक जताते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से सख्त कार्रवाई का निर्देश दिए जाने के बाद मामले में पुलिस की जांच पर भी नजर बनी हुई है। महाराष्ट्र पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि घटना से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को जल्द स्पष्ट किया जाएगा।
इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा के सवाल को गंभीर बनाती हैं। विशेषकर उन अधिकारियों के लिए जोखिम अधिक हो सकता है, जिन्हें नियामकीय कार्रवाई या निरीक्षण के लिए फील्ड में जाना पड़ता है।
इंडियन ऑयल और अन्य तेल विपणन कंपनियों के सामने अब ऐसे मामलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और भी स्पष्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
संवेदनशील कार्रवाई के दौरान केवल कंपनी के अधिकारियों को भेजना पर्याप्त नहीं माना जा रहा। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल महेश शेल्के की हत्या के मामले में पुलिस जांच जारी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
हिंगोली की यह घटना अब केवल एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं रही, बल्कि फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ इंडियन ऑयल की सुरक्षा नीति और संवेदनशील फील्ड ऑपरेशन के प्रोटोकॉल पर भी नजर रहेगी।





