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महाराष्ट्र
पुणे को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, ₹21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं का होगा शुभारंभ
Ratna Netam
2 Nov 2026 8:14 PM IST

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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर को आधुनिक परिवहन सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लगभग 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। इनमें 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार पुणे मेट्रो की लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन और करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाली मेट्रो फेज-2 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से पुणे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने और लाखों लोगों के लिए भविष्य में आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन करेंगे, जिसे पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह मेट्रो कॉरिडोर मान से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक फैला हुआ है। यह पुणे के प्रमुख आईटी हब हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर से जोड़ेगा।हिंजेवाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। यहां रोजाना हजारों कर्मचारी काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। वर्तमान में सड़क मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण कई स्थानों पर यातायात जाम की समस्या बनी रहती है।पिंक लाइन के शुरू होने से आईटी पेशेवरों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने और सड़कों पर यातायात का दबाव घटने की संभावना है।यह कॉरिडोर पुणे के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
महिलाओं के हाथों में होगी मेट्रो संचालन की कमान
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की सबसे खास बात इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाना है। केंद्र सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा पूरी लाइन का संचालन अपनी तरह की एक विशेष पहल होगी। इससे तकनीकी और परिवहन क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसरों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। पिंक लाइन की कुल बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की योजना बनाई गई है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
मेट्रो फेज-2 पर खर्च होंगे 13,500 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मोदी पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। इस चरण की अनुमानित लागत लगभग 13,500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।फेज-2 के तहत चार महत्वपूर्ण मेट्रो लाइनों का विकास किया जाएगा। इनमें लाइन 2ए, लाइन 2बी, लाइन 4 और लाइन 4ए शामिल हैं।लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक तक बनाई जाएगी, जबकि लाइन 2बी रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी को जोड़ेगी। इन दोनों लाइनों की संयुक्त लंबाई लगभग 12.75 किलोमीटर होगी। इन परियोजनाओं से मौजूदा पूर्व-पश्चिम मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा।इसके अलावा लाइन-4 खराड़ी से खड़कवासला तक विकसित की जाएगी। इसकी लंबाई लगभग 25.52 किलोमीटर होगी। वहीं लाइन-4ए नल स्टॉप से माणिक बाग तक जाएगी, जिसकी लंबाई लगभग 6.12 किलोमीटर निर्धारित की गई है।इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से पुणे के कई महत्वपूर्ण आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।
पुणे के इन इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा
मेट्रो के दूसरे चरण के अंतर्गत खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट, माणिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे छावनी और वारजे जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की योजना है।विशेष रूप से रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक होने वाला पूर्वी विस्तार खराड़ी और वाघोली के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय तथा आईटी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।इन इलाकों में लगातार बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लोगों को निजी वाहनों के अलावा सार्वजनिक परिवहन का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।सरकार की योजना नए मेट्रो कॉरिडोर को मौजूदा नेटवर्क और अंतरशहरी बस सेवाओं के साथ जोड़ने की भी है। स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास पर इंटरचेंज सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को एक परिवहन सेवा से दूसरी सेवा तक पहुंचने में आसानी होगी।
ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
पुणे महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक, शैक्षणिक और सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों में शामिल है। शहर में रोजगार और शिक्षा के अवसरों के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजाना यात्रा करते हैं।निजी वाहनों की बढ़ती संख्या से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की समस्या सामने आती है। ऐसे में मेट्रो परियोजनाओं का विस्तार शहर के परिवहन ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।नई मेट्रो लाइनों से यात्रियों को सड़क परिवहन के मुकाबले अधिक नियमित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है। यदि बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का उपयोग करते हैं, तो इससे ईंधन की खपत और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आ सकती है।हालांकि, यातायात और प्रदूषण पर वास्तविक प्रभाव यात्रियों की संख्या, मेट्रो सेवाओं की उपलब्धता तथा अन्य परिवहन साधनों से कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगा।
4 नवंबर से यात्री सेवाएं शुरू होने की तैयारी
पिंक लाइन के उद्घाटन के बाद यात्रियों के लिए सेवाएं 4 नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। स्थानीय अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 23.2 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर कुल 23 स्टेशन हैं, जिनमें शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों को यात्रियों के लिए खोले जाने की योजना है।इससे हिंजेवाड़ी आईटी पार्क और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को वास्तविक संचालन समय, टिकट दरों और स्टेशन संबंधी व्यवस्थाओं के लिए मेट्रो प्रशासन की आधिकारिक सूचना का पालन करना होगा।
पुणे के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगभग 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास पुणे के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिंक लाइन जहां शहर के एक प्रमुख आईटी कॉरिडोर को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी, वहीं दूसरे चरण की परियोजनाएं भविष्य में मेट्रो नेटवर्क का व्यापक विस्तार करेंगी।इन परियोजनाओं से आवासीय क्षेत्रों, रोजगार केंद्रों और व्यावसायिक इलाकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होने की उम्मीद है। साथ ही सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से पुणे में एकीकृत शहरी परिवहन नेटवर्क विकसित होगा और नागरिकों को अधिक कुशल आवागमन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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