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मुंबई से उड़ानों का नेटवर्क बढ़ाएगी इंडिगो, CEO विली वॉल्श ने बताया भविष्य का प्लान

Ratna Netam
2 Nov 2026 6:05 PM IST
मुंबई से उड़ानों का नेटवर्क बढ़ाएगी इंडिगो, CEO विली वॉल्श ने बताया भविष्य का प्लान
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मुंबई। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो मुंबई महानगर क्षेत्र के दोनों हवाई अड्डों से परिचालन बढ़ाने की संभावनाओं पर ध्यान दे रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विली वॉल्श ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एयरलाइन के भविष्य के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उनका मानना है कि मुंबई जैसे बड़े महानगर में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या और विमानन सेवाओं की मांग को देखते हुए नए हवाई अड्डे से कंपनी के कारोबार को विस्तार मिल सकता है।मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लंबे समय से देश के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में शामिल है। यहां विमानों की आवाजाही और उपलब्ध स्लॉट की सीमाओं के कारण एयरलाइनों को अपनी उड़ानों का विस्तार करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराने और नए हवाई मार्ग विकसित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इंडिगो की रणनीति मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के साथ नवी मुंबई से भी परिचालन के अवसर तलाशने की है। हालांकि, दोनों हवाई अड्डों से उड़ानों की संख्या, नए मार्गों और परिचालन विस्तार की समयसीमा को लेकर कंपनी की विस्तृत योजना की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
फरवरी 2027 से नवी मुंबई में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार
इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने 25 अक्टूबर 2026 को संयुक्त घोषणा की थी कि कंपनी फरवरी 2027 से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का चरणबद्ध विस्तार करेगी।योजना के तहत मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित 12 दैनिक अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान धीरे-धीरे नवी मुंबई स्थानांतरित किए जाएंगे। इसके साथ काठमांडू के लिए एक नई दैनिक उड़ान भी शुरू करने की योजना है।कंपनी ने फरवरी से जुलाई 2027 के बीच नवी मुंबई से 12 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। अंतिम परिचालन तारीखें आवश्यक मंजूरियां मिलने और तैयारियां पूरी होने के बाद घोषित की जाएंगी।
इन देशों के लिए उड़ानों में होगा बदलाव
इंडिगो की प्रस्तावित योजना में बहरीन, रियाद, दम्माम, जेद्दा, मदीना, कुवैत, रास अल खैमाह, फुजैराह, मस्कट, ढाका और जकार्ता की सेवाएं शामिल हैं।इन उड़ानों के स्थानांतरण के साथ कुछ घरेलू सेवाएं भी नवी मुंबई लाई जाएंगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट आसानी से मिल सके।एयरलाइन और हवाई अड्डा संचालक के बीच यात्री सुविधाओं, कनेक्टिंग फ्लाइट और आवश्यक बुनियादी ढांचे को लेकर समन्वय जारी है। कंपनी की योजना है कि इस बदलाव से यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
विली वॉल्श बोले- यह अस्थायी नहीं, दीर्घकालिक रणनीति है
सोमवार, 2 नवंबर को मीडिया से बातचीत में इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श ने स्पष्ट किया कि नवी मुंबई में परिचालन बढ़ाने की योजना केवल पुराने मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल के नवीनीकरण के कारण नहीं बनाई गई है।उन्होंने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट कंपनी की लंबी अवधि की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।वॉल्श के अनुसार, कंपनी का भविष्य मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डों से जुड़ा रहेगा। दोनों हवाई अड्डों का संयुक्त उपयोग अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बढ़ाने और यात्रियों को अधिक विकल्प देने में सहायक होगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंडिगो को परिचालन स्थानांतरित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। कंपनी अपने कारोबारी हितों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है।
मुंबई एयरपोर्ट पर बढ़ेगी नए मार्गों की क्षमता
नवी मुंबई में कुछ उड़ानों के स्थानांतरण से पुराने मुंबई एयरपोर्ट पर अतिरिक्त स्लॉट उपलब्ध हो सकते हैं।इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट की संयुक्त योजना के अनुसार, इससे कंपनी को वर्ष 2027 में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के लिए नई अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने में सहायता मिल सकती है।इसके साथ ही मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की योजना भी आगे बढ़ाई जा सकेगी। इस परियोजना को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एयरलाइन का कहना है कि दोनों हवाई अड्डों के बीच संतुलित परिचालन व्यवस्था से मुंबई महानगर क्षेत्र की विमानन क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
2028 से मिलेंगे एयरबस A350 विमान
इंडिगो अपनी अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति के तहत बड़े आकार वाले एयरबस A350 विमानों को भी शामिल करने की तैयारी कर रही है।विली वॉल्श ने बताया कि कंपनी को वर्ष 2028 की दूसरी तिमाही से इन विमानों की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बड़े विमानों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। इंडिगो का लक्ष्य भारतीय यात्रियों को अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ना और लंबी दूरी के विमानन बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाना है।वॉल्श ने कहा कि कंपनी के पास लंबी दूरी के विमानन बाजार में विस्तार करने के लिए आवश्यक क्षमताएं मौजूद हैं।
बढ़ती लागत से इंडिगो के सामने चुनौतियां
विस्तार की योजनाओं के बीच विमानन क्षेत्र में बढ़ती परिचालन लागत कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई है।सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में इंडिगो को 1,879.1 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। ईंधन की बढ़ती कीमतों और रुपये की कमजोरी ने कंपनी की लाभप्रदता पर असर डाला।हालांकि, इसी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर लगभग 25.9 प्रतिशत बढ़कर 23,364 करोड़ रुपये पहुंच गया।विली वॉल्श ने कहा कि विमानन उद्योग कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, लेकिन कंपनी लागत प्रबंधन और परिचालन दक्षता के जरिए चुनौतियों का सामना करेगी।
एयरपोर्ट शुल्क और टैक्स कम करने की मांग
विली वॉल्श ने भारतीय विमानन बाजार में हवाई अड्डा शुल्क और करों को कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।उनका कहना है कि अधिक शुल्क एयरलाइनों की परिचालन लागत बढ़ाते हैं। यदि एयरपोर्ट शुल्क और करों में कमी आती है, तो विमानन कंपनियों को सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।उन्होंने कहा कि एयरलाइनों के साथ हवाई अड्डा संचालकों सहित सभी संबंधित पक्षों को लागत नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डों से इंडिगो का परिचालन बढ़ने पर यात्रियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।हालांकि, यात्रियों को उड़ान बुक करते समय प्रस्थान और आगमन वाले हवाई अड्डे की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी। मुंबई और नवी मुंबई अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं, इसलिए कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए सही हवाई अड्डा चुनना महत्वपूर्ण होगा।इंडिगो फिलहाल प्रतिदिन 2,100 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है और उसके परिचालन बेड़े में 400 से ज्यादा विमान हैं।कंपनी की आगामी रणनीति में दोनों मुंबई हवाई अड्डों का इस्तेमाल, नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग और बड़े विमानों की उपलब्धता प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
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