महाराष्ट्र

पुणे में कॉन्स्टेबल से मारपीट, युवक पर केस

Kavita2
27 July 2026 4:56 PM IST
पुणे में कॉन्स्टेबल से मारपीट, युवक पर केस
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पुणे : पुणे शहर में शनिवार वाडा के पास एक पुलिस कॉन्स्टेबल के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला सामने आया है। फरासखाना पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि युवक ने एक महिला से जुड़े विवाद में हस्तक्षेप करने पहुंचे पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान आकुर्डी के वाल्हेकरवाड़ी स्थित सायली कॉम्प्लेक्स निवासी आर्यन अजीत सावंत (19) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पुलिस कॉन्स्टेबल वैभव येसादे की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत के मुताबिक, घटना शनिवार वाडा के आसपास उस समय हुई, जब पुलिसकर्मी एक महिला से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि विवाद की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कॉन्स्टेबल ने स्थिति को नियंत्रित करने और मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश की।

इसी दौरान आरोपी युवक कथित तौर पर वहां पहुंचा और पुलिसकर्मी के साथ बहस करने लगा। आरोप है कि बातचीत के दौरान मामला बढ़ गया और युवक ने कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी निभाने से रोकने की भी कोशिश की।

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना के पूरे क्रम, मौके पर मौजूद लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या हमला गंभीर मामला माना जाता है। ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

शनिवार वाडा पुणे शहर का एक प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट की घटना ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई थी और आरोपी युवक की भूमिका क्या थी। अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर विवाद के दौरान कई बार स्थिति अचानक गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने की होती है। पुलिस विभाग का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मामले में आरोपी डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के खिलाफ जांच जारी है। पुलिस शिकायतकर्ता कॉन्स्टेबल के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर विवाद के दौरान संयम बनाए रखना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस की मदद लें।

फिलहाल फरासखाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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