महाराष्ट्र

Mumbai–बेंगलुरु हाईवे पर खंबाटकी घाट में 6-लेन ट्विन टनल, ट्रायल रन शुरू

Kavita2
29 April 2026 12:38 PM IST
Mumbai–बेंगलुरु हाईवे पर खंबाटकी घाट में 6-लेन ट्विन टनल, ट्रायल रन शुरू
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Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई–बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर खंबाटकी घाट वाले लंबे समय से जाम और दुर्घटनाओं के लिए चर्चित हिस्से में अब बड़ा सुधार होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यहां छह-लेन ट्विन-ट्यूब टनल प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए एक टनल में ट्रायल रन शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रोजेक्ट लगभग 86 प्रतिशत पूरा हो चुका है और 2026 के पहले छह महीनों में इसे आम जनता के लिए खोलने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुंबई, पुणे और बेंगलुरु को जोड़ने वाले इस व्यस्त कॉरिडोर पर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना है। खंबाटकी घाट का यह हिस्सा अब तक दुर्घटनाओं और भारी ट्रैफिक दबाव के लिए जाना जाता रहा है। पहले यहां एक ओर पतली दो-लेन टनल और दूसरी ओर लगभग 8 किलोमीटर लंबा घुमावदार घाट मार्ग उपयोग में था, जिससे यात्रा कठिन और समय लेने वाली होती थी।

नई टनल परियोजना में अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। एक टनल को फिलहाल सीमित वाहनों के लिए खोलकर ट्रायल किया जा रहा है, जिससे सिस्टम की जांच और संचालन की तैयारी की जा सके। यात्रियों ने शुरुआती ट्रायल के दौरान बेहतर ड्राइविंग अनुभव की बात कही है। टनल में बेहतर रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, चौड़ी लेन, रिफ्लेक्टर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों ट्यूबों के जरिए छह लेन यातायात संभव होगा, जिससे ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव खासकर भारी वाहनों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए राहत लेकर आएगा।

खंबाटकी घाट लंबे समय से इस रूट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है। यहां ढलान और घुमावदार रास्तों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रही हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। नई टनल के शुरू होने से इस पूरे सेक्शन में यात्रा समय घटने और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

NHAI ने संकेत दिया है कि ट्रायल रन के बाद धीरे-धीरे पूर्ण संचालन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि किसी भी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी पहलू को पूरी तरह परखा जा सके। यह प्रोजेक्ट मुंबई–बेंगलुरु कॉरिडोर पर एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड माना जा रहा है।

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