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मध्य प्रदेश से पिस्टल लाकर गोरखपुर में बेचता था युवक, STF ने किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश : बुरहानपुर से अवैध पिस्टल लाकर गोरखपुर में बेचने के आरोप में एक युवक को स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को सोमवार रात पैडलेगंज के पास पकड़ा गया। उसके कब्जे से दो .32 बोर की पिस्टल और एक कारतूस बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी प्रयागराज का रहने वाला बताया जा रहा है। STF की पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह दोनों पिस्टल अपने साथी राजीव यादव के साथ बुरहानपुर से लेकर आया था। इसके बाद इन हथियारों को गोरखपुर में बेचने की तैयारी थी।
इस गिरफ्तारी के बाद STF अब मध्य प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैले अवैध असलहा नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बुरहानपुर से हथियार किस व्यक्ति या गिरोह से खरीदे गए थे और गोरखपुर में इन्हें किसे बेचा जाना था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बारे में STF को पहले से सूचना मिली थी कि वह अवैध हथियारों की खेप लेकर गोरखपुर पहुंचा है। इसके बाद टीम ने पैडलेगंज क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध युवक की पहचान कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो .32 बोर की पिस्टल और एक कारतूस मिला। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से हथियार लाए जाने की बात सामने आई।
आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी राजीव यादव के साथ बुरहानपुर गया था। वहीं से दोनों पिस्टल लेकर वह वापस उत्तर प्रदेश आया। STF अब राजीव यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह इस नेटवर्क में कितने समय से सक्रिय है।
जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक अवैध हथियारों की सप्लाई का पूरा रास्ता कैसे काम करता है। आरोपी हथियारों को ट्रेन, बस, निजी वाहन या किसी अन्य माध्यम से लेकर आया, इसकी भी जांच की जा रही है।
STF यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले कितनी बार बुरहानपुर या अन्य स्थानों से हथियार लेकर आया था। उसके मोबाइल फोन, संपर्कों, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
अवैध हथियारों की तस्करी के मामलों में अक्सर सप्लायर, कैरियर और खरीदार अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। ऐसे में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
STF को आशंका है कि यह मामला केवल दो पिस्टल की तस्करी तक सीमित नहीं हो सकता। यदि आरोपी पहले भी इस तरह हथियार ला चुका है, तो गोरखपुर और आसपास के जिलों में कई लोगों तक अवैध असलहे पहुंचाए गए हो सकते हैं।
इसी कारण टीम अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन पिस्टलों के संभावित खरीदार कौन थे। क्या हथियार किसी आपराधिक गिरोह के लिए मंगाए गए थे या व्यक्तिगत स्तर पर बिक्री की जानी थी, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से अवैध हथियारों की सप्लाई के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में बुरहानपुर से गोरखपुर तक का लिंक सामने आने के बाद STF का ध्यान सप्लाई चेन पर केंद्रित हो गया है।
आरोपी से पूछताछ के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा सकती है। उसके साथी राजीव यादव की तलाश भी जांच का अहम हिस्सा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो सकता है कि हथियार खरीदने और उन्हें गोरखपुर तक पहुंचाने की योजना किसने बनाई थी।
बरामद पिस्टलों की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगा सकती है कि इनका निर्माण कहां हुआ और क्या इनका इस्तेमाल पहले किसी अपराध में हुआ है। हथियारों की बैलिस्टिक जांच से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
STF आरोपी के बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि हथियारों की खरीद के लिए कितना पैसा दिया गया और बिक्री से कितनी रकम कमाने की योजना थी।
अवैध हथियारों की तस्करी कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। ऐसे हथियार कई बार हत्या, लूट और गैंगवार जैसी वारदातों में इस्तेमाल होते हैं। इसलिए सप्लाई नेटवर्क को तोड़ना पुलिस के लिए प्राथमिकता होती है।
पैडलेगंज में हुई इस गिरफ्तारी ने मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक फैले एक संभावित असलहा नेटवर्क की ओर इशारा किया है। अब जांच एजेंसी इसके दूसरे छोर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। राजीव यादव समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बरामदगी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।





