मध्य प्रदेश

1040 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का काम हुआ शुरू, कम होगी MP से यूपी की दूरी

Gulabi Jagat
20 Nov 2025 12:08 AM IST
1040 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का काम हुआ शुरू, कम होगी MP से यूपी की दूरी
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रायसेन। 1040 करोड़ रूपये की लागत से भोपाल-कानपुर कॉरिडोर के पहले फेज का निर्माण शुरू हो गया है।जल्द ही फोरलेन, फ्लाईओवर और 90 पुल-पुलियाओं से रायसेन व आसपास का विकास तेज होगा।भोपाल-कानपुर कॉरिडोर के तहत भोपाल से कोड़ी तक 42 किमी लंबी सड़क के पहले फेस के निर्माण की प्रक्रिया शुरु हो गई है, जो कोड़ी से विदिशा तक बनाए जा रहे दूसरे फेस से जुड़ेगी। भोपाल के रत्नागिरी तिराहे से रायसेन होते हुए सांची रोड पर मोरी-कौड़ी गांव तक फोरलेन सड़क रायसेन के गोपालपुर से होकर गुजरेगी। जहां फ्लाईओवर बनाया जाएगा। जिसके लिए ठेकेदार बीआरसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने नापतौल और लेबलिंग का काम शुरु किया।
एसडीएम मनीष शर्मा ने बताया कि
इस 42 किमी लंबे फोरलेन का निर्माण 1040 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। जिसमें से लगभग 36 करोड़ रुपए भू-अर्जन पर खर्च किए गए हैं। उक्त सड़क बनाने के लिए सरकारी, निजी क्षेत्र की सिंचित और असिंचित 115 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन...
प्राप्त जानकारी के अनुसार नई सड़क का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है। जिसमें सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलेंगे। कुछ साल पहले ही भोपाल से सांची तक टू-लेन सड़क का निर्माण कराया गया था। अब इसे फोर लेन बनाया जाएगा। जिससे भोपाल से कानपुर तक आवागमन सुलभ और कम समय में होगा। इससे व्यापार में बढ़ो
तरी के साथ बीच में पड़ने वाले शहरों के विकास में भी योगदान देगी।एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक नई सड़क का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है।फोरलेन सड़क के बीच करीब दो मीटर चौड़ा डिवाइडर बाइक चालकों के लिए एक मीटर सड़क का हिस्सा शामिल रहेगा।
कॉरिडोर बनने से मिलेगी विकास को गति...
भोपाल से रायसेन होते हुए मेहगांव विदिशा तक बन रहा है इस कॉरिडोर में कौड़ी से विदिशा तक निर्माण लगभग पूरा हो गया है।अब कौड़ी से भोपाल तक का निर्माण शुरू हो रहा है। दरअसल इस कॉरिडोर के बनने से रायसेन के विकास को गति मिलेगी। इससे पहले पहले बने रायसेन बाईपास, कौड़ी विदिशा बायपास के निर्माण से विकास की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल रायसेन बाईपास पर सरकारी दफ्तर कई भवन और होटल ढाबे रेस्टोरेंट्स के विकास का शुरू हो चुके हैं।कॉरिडोर के बनने से विकास को रफ्तार मिलेगी। जिससे रायसेन शहर के विस्तार के साथी व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
90 पुल और पुलियाओं का होगा निर्माण....
भोपाल से रायसेन के बीच एक गांव ऐसा है जहां से बाईपास बनाया जाएगा। इससे खरबई की चिड़िया टोल के पास वाली खतरनाक घाटी, पुराना माना वाटर फिल्टर के अंधे मोड़ को भी खत्म किया जाएगा। लगभग तीन किलोमीटर का बाईपास बनाया जाएगा।इसके अलावा90 पुल पुलियाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसमें साथ छोटे और एक बड़ा ब्रिज बेतवा नदी जाखा पुल पर बनाया जाएगा। टू लेन से फोर लेन सड़क निर्माण में खतरनाक अंधे मोड़ और घाटियों को कम किया जाएगा। ताकि वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक भी लग सके और खतरा भी कम हो।
कुछ किसानों को मुआवजा बाकी....
कॉरिडोर के निर्माण में कुछ किसानों का मुआवजा फिलहाल बाकी है। सीएम मनीष शर्मा ने बताया कि करीबन 40 से 50 किसानों की जमीन है तो अधिग्रहीत कर ली गई है ।लेकिन मुआवजा अभी बाकी है। सप्ताह भर में यह मुआवजा वितरण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।यह तकनीकी कारणों से रुक हुआ है। जिनका निराकरण जल्द ही कर दिया जाएगा।ताकि सड़क निर्माण में अब कोई बाधा ना रहे।
फोरलेन से घिरेगा रायसेन जिला....
एनएचएआई के अधिकारी प्रदीप गोयल ने बताया कि इस कॉरिडॉर के बन जाने से रायसेन जिला फोरलेन से घिर जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि जिले में पहले ही भोपाल जबलपुर नेशनल हाईवे बन चुका है। जिससे मंडीदीप औबेदुल्लागंज बाड़ी बरेली और उदयपुरा जुड़े हुए हैं। भोपाल कानपुर विदिशा कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। होली में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस कारीडोर को जल्द पूरा किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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