मध्य प्रदेश

मतदाता सूची में गड़बड़ी: 2003 के नाम 2025 से नहीं मिल रहे, गणना पत्रक का वितरण भी नहीं

Gulabi Jagat
8 Nov 2025 9:36 PM IST
मतदाता सूची में गड़बड़ी: 2003 के नाम 2025 से नहीं मिल रहे, गणना पत्रक का वितरण भी नहीं
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रायसेन। निर्वाचन आयोग द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है।इसमें 2003 से 2025 तक मतदाता सूची नाम जुड़वाने वालों का सत्यापन जरूरी किया गया है।हालांकि इस कार्य में मतदाताओं और बीएलओ दोनों को ही परेशानी आ रही है।कई क्षेत्र में गणना पत्रक अभी तक नहीं भेजे गए हैं।शहर सहित जिले की तहसील कस्बों में कई लोग परिवार सहित बाहर से आकर भी बस गए हैं।ऐसी स्थिति में उनका नाम वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं मिल रहा है।वहीं घरों में आईं नई नवेली बहुओं को मतदान क्रमांक, सरल क्रमांक की जानकारी नहीं है।इसके लिए उन्हें मायके में बार बार मोबाइल फोन लगाना पड़ रहा है।इसके लिए बीएलओ के पास जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।तो पता चल रहा है कि वह फील्ड में है। ऐसे में बीएलओ उनकी मैपिंग नहीं कर पा रहे हैं।हरिभूमि टीम ने शनिवार को बीएलओ के साथ घर घर पहुंचकर इस कार्य की हकीकत देखी।वार्ड 3 अथाईं मोहल्ले के बीएलओ नरेंद्र मालवीय साथ हरिभूमि टीम वोटरों के बीच पहुंची।घरों में दोपहर के समय महिला सदस्य होने की वजह सेकई जगहों पर सही जानकारी नहीं मिल सकी।तो कई घरों में महिला सदस्य होने के कारण पुरूष बीएलओ को जानकारी देने में असहज महसूस करती नजर आईं।बाद में पता चला कि परिवार के सदस्य शाम या रात को घर आएंगे।वहीं कई लोगों का वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम ना होने की वजह से 2025 की मैपिंग में परेशानी हुई।
बुजुर्गों व बहुओं पर अभियान पर फोकस....
इस अभियान में बहुओं और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों के दस्तावेजों की जांच पर जिला प्रशासन का खास फोकस किया जा रहा है। नई बहू के माता-पिता मतदान क्रमांक सरल क्रमांक विधानसभा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।वहीं वोटर लिस्ट से मृतकों,वहीं दो दो जगह दर्ज मतदाताओं के नाम हटाने पर ध्यान दिया जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा एसआईआर अभियान की शुरुआत 4 नवंबर से की है। हालांकि कई जगह ब्लू के पास अभी भी गणना पत्रक नहीं पहुंच पाए हैं।इस वजह से बीएलओ को परेशानियां आ रही हैं। माय नेवर इस कार्य में दूर तो दो घर-घर सर्वे होना है।दिसंबर महीने में मतदाता सूची की प्रारंभिक सूची जारी की जाएगी।हालांकि इन सबके बीच बीएलओ का50 से 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
बहू ने मायके में लगाया फोन तो कहीं मुखिया नहीं मिले....
गणना पत्रक बांटा जा रहा है। हर बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करनी है। मतदाताओं से कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे।अरुण विश्वकर्मा कलेक्टर, रायसेन
कट सकता है नाम....
अगर किसी मतदाता का नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में है और पूर्व में नहीं है तो फिर दिक्कत हो सकती है। बताया जाता है कि अगर उसका रिकॉर्ड नहीं मिला तो फिर एक प्रक्रिया के तहत नाम भी हटाया जाएगा। हालांकि इस संबंध में अभी स्पष्ट निर्देश आना शेष है।
एक क्षेत्र में कई बीएलओ, कार्यकर्ता कम....
जिले के कई क्षेत्र में बीएलओ की संख्या अधिक है। जबकि उस क्षेत्र में पटवारी, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कम हैं। बीएलओ को मजबूरी में अकेले ही मतदाताओं की मैपिंग करनी पड़ रही हैं। महिला स्टॉफ न होने से उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है एसआईआर सर्वे.....
बीएलओ वोटरों को एक गणना पत्रक देंगे। जिसमें आपको अपनी पूरी जानकारी भरना होगी। इसमें नाम, पता, उम्र और इपिक नंबर जैसे जानकारी होगी। परिवार में किसी की मृत्यु होने, बाहर शिफ्ट हुए हैं या नाम दूसरे राज्य में दर्ज हैं तो उनके नाम हटाए जाएंगे।
मतदाताओं का सत्यापन करने पहुंचे ...
बीएलओ गणना पत्रक भी नहीं दिया गया है। कई घरों में बहुओं के पास माता-पिता एवं विधानसभा की जानकारी है।लेकिन मतदान क्रमांक, सरल क्रमांक की जानकारी नहीं है। ऐसे में बीएलओ उनकी मैपिंग नहीं कर पा रहे हैं। निर्देश अनुसार मतदाताओं का 2003 और 2025 की मतदाता सूची के अनुसार ही मिलान कर मैपिंग करनी है। कई लोगों के नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है तो कई बहुओं के पासपूरी जानकारी नहीं है।ऐसे में सर्वे में परेशानी आ रही है।वहीं इस कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक के साथ ना होने से कई जगहों पर परेशानी आ रही है।कई घरों में महिलाएं होती हैं।वह पुरुष बीएलओ से बातचीत करने और सही जानकारी देने में खुद को असहज महसूस करती हैं।वहीं निर्वाचन कार्य में जुटे बीएलओ को गणना पत्रक भी नहीं दिए गए हैं।जिससे इस कार्य में परेशानी हो रही है।कुछ लोग काफी सालों तक कहीं और जगह रहे और अब3 ,4 साल से कहीं दूसरी जगह रह रहे हैं।इस वजह से बीएलओ टीम को मैपिंग करने में दिक्कतें आ रही हैं।
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