मध्य प्रदेश

गांवों में 4 दिनों से अंधेरा बिजली कटौती पर भड़के जीतू पटवारी

Ratna Netam
15 Oct 2026 4:50 PM IST
गांवों में 4 दिनों से अंधेरा  बिजली कटौती पर भड़के जीतू पटवारी
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भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली कटौती और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कई गांवों में पिछले तीन से चार दिनों से बिजली नहीं आ रही है। उन्होंने बिजली कटौती, उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी-भरकम बिलों और आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा। वहीं, मुख्यमंत्री ने बिजली की स्थिति अगले एक-दो दिनों में सामान्य होने की उम्मीद जताई है।राज्य में रबी सीजन की शुरुआत के साथ बिजली की मांग बढ़ने और ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, लेकिन कई क्षेत्रों में अघोषित कटौती के कारण परेशानियां बढ़ रही हैं।
'मध्य प्रदेश में अंधेरा छाया हुआ है'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।पटवारी ने कहा, "मध्य प्रदेश में अंधेरा छाया हुआ है। गांवों में लगातार तीन-चार दिनों से बिजली के बल्ब नहीं जल रहे हैं। राज्य भर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं है।"उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बिजली आपूर्ति की नियमित निगरानी करने में विफल रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों, किसानों और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।हालांकि, तीन से चार दिनों तक लगातार बिजली गुल रहने के उनके दावे की राज्यव्यापी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भारी बिजली बिलों को लेकर भी सरकार पर निशाना
जीतू पटवारी ने बिजली कटौती के साथ उपभोक्ताओं को मिलने वाले भारी-भरकम बिलों का मुद्दा भी उठाया।उन्होंने सवाल किया कि जब ग्रामीण इलाकों में नियमित बिजली नहीं मिल रही है, तो उपभोक्ताओं को अधिक राशि के बिलों का सामना क्यों करना पड़ रहा है।पटवारी ने सरकार से बिजली वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए और जिन क्षेत्रों में लगातार शिकायतें मिल रही हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रबी सीजन में किसानों की बढ़ी परेशानी
मध्य प्रदेश में रबी फसलों की तैयारी शुरू होने के साथ खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ रही है।कई जिलों में किसानों ने अघोषित बिजली कटौती को लेकर नाराजगी जताई है। आगर मालवा में ग्रामीणों ने बिजली समस्या के विरोध में चक्काजाम भी किया था।इस मुद्दे पर कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। सुवासरा से भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर पत्र लिखा था।किसानों का कहना है कि नियमित बिजली नहीं मिलने से सिंचाई का समय प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उन्होंने बिजली आपूर्ति का निर्धारित समय सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिजली की मांग में अचानक 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी
राज्य में बिजली की बढ़ती मांग भी आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव का एक बड़ा कारण बनकर सामने आई है।ऊर्जा विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2025 को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 11 हजार मेगावाट थी, जबकि 11 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर लगभग 16 हजार मेगावाट पहुंच गई।इस प्रकार बिजली की मांग में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश में बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में मांग और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम मोहन यादव ने दिया स्थिति सुधारने का आश्वासन
बिजली आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।राज्य सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था में सुधार और प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जा रहा है।वहीं, कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार केवल आश्वासन देने के बजाय बिजली कटौती की समस्या को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए।
बिजली आपूर्ति को लेकर राजनीतिक विवाद तेज
मध्य प्रदेश में बिजली कटौती का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रही है, जबकि सरकार बिजली की बढ़ती मांग और वितरण व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की बात कर रही है।फिलहाल ग्रामीण उपभोक्ताओं और किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल नियमित बिजली आपूर्ति का है। आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और सरकार के आश्वासन के क्रियान्वयन पर लोगों की निगाहें रहेंगी।
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