- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- पेट दर्द लेकर अस्पताल...
मध्य प्रदेश
पेट दर्द लेकर अस्पताल पहुंचा युवक इंजेक्शन लगने के बाद मौत
Ratna Netam
15 Oct 2026 2:28 PM IST

x
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। कटंगी थाना क्षेत्र के बेलखाडू स्थित अश्वनी अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे युवक की इंजेक्शन और ड्रिप लगाए जाने के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल में किए जा रहे इलाज और संबंधित व्यक्ति की मेडिकल योग्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने जांच के बाद सतीश साहू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, उसकी बहन डॉ. सरिता साहू की तलाश की जा रही है।
पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंचा था युवक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 18 वर्षीय शेखर चौधरी के रूप में हुई है। वह झंगरा गांव का रहने वाला था और उसके पिता का नाम जगदीश चौधरी है। 2 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे शेखर को अचानक पेट में तेज दर्द होने लगा। उसकी परेशानी बढ़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए बेलखाडू स्थित अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे।परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में इलाज मिलने के बाद शेखर की तबीयत ठीक हो जाएगी। अस्पताल में मौजूद सतीश साहू ने युवक का उपचार शुरू किया। पुलिस के अनुसार, सतीश ने रात के दौरान करीब चार घंटे में शेखर को कुल नौ इंजेक्शन लगाए।
चार घंटे में लगाए नौ इंजेक्शन
इंजेक्शन लगाए जाने के बाद शेखर को कुछ समय के लिए राहत महसूस हुई। उसकी हालत में सुधार देखकर परिजन उसे घर वापस ले आए। हालांकि, अगले दिन एक बार फिर शेखर को पेट में दर्द और जलन की शिकायत होने लगी। परेशानी बढ़ने पर परिवार के लोग उसे दोबारा उसी अस्पताल में लेकर पहुंचे।अस्पताल में सतीश साहू ने फिर से शेखर का इलाज शुरू किया। इस दौरान युवक को आईवी ड्रिप चढ़ाई गई और इंजेक्शन भी लगाए गए। लेकिन उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।युवक की अचानक मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिजनों ने इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए और पुलिस से मामले की जांच की मांग की।
जांच में सामने आया मेडिकल योग्यता का मामला
घटना की शिकायत मिलने के बाद कटंगी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने अस्पताल में किए गए इलाज और सतीश साहू की चिकित्सकीय योग्यता से संबंधित जानकारी जुटाई।जांच के दौरान सामने आया कि सतीश साहू के पास चिकित्सा कार्य करने के लिए कोई वैध दस्तावेज या आवश्यक मेडिकल योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद वह अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहा था।इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने किया अस्पताल का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) भी अश्वनी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा इलाज से संबंधित जानकारी ली।पुलिस सब-इंस्पेक्टर अश्वनी मिश्रा ने बताया कि जांच में सतीश साहू के पास चिकित्सा कार्य करने की वैध योग्यता और दस्तावेज नहीं पाए गए। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।पुलिस ने आरोपी सतीश साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। वहीं, मामले में उसकी बहन डॉ. सरिता साहू की तलाश की जा रही है।
युवक की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल में मरीजों के उपचार और चिकित्सा कार्य करने वाले व्यक्तियों की योग्यता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेट दर्द जैसी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे 18 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत होने से परिजन सदमे में हैं।पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जा रहा है कि युवक को कौन-कौन से इंजेक्शन लगाए गए थे और उपचार के दौरान किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।फिलहाल पुलिस ने सतीश साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. सरिता साहू की तलाश जारी है। युवक की मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं हुआ है।
Next Story





