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मध्य प्रदेश
बंदर से बैग बचाने की कोशिश में 150 फीट गहरी खाई में गिरा पर्यटक, मौत
Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 8:19 PM IST

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नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार, 6 नवंबर को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहां प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर एक बंदर से अपना बैग बचाने की कोशिश में नागपुर निवासी 40 वर्षीय शिक्षक विजय नायक का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। विजय अपने स्कूल के 20 बच्चों के समूह के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे। उनके पिता भी इस यात्रा में उनके साथ थे। जिस पर्यटन स्थल पर सभी लोग प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने और तस्वीरें खिंचवाने पहुंचे थे, वहीं अचानक हुए हादसे ने पूरे समूह को सदमे में डाल दिया।
घटना के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद विजय का शव खाई से बाहर निकाला गया। इस घटना ने पचमढ़ी के पर्यटन स्थलों पर बंदरों के बढ़ते उत्पात और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फोटो खिंचवाने के दौरान बंदर ने छीना बैग
जानकारी के मुताबिक, नागपुर निवासी विजय नायक अपने स्कूल के करीब 20 बच्चों के समूह को लेकर शैक्षणिक और पर्यटन यात्रा पर पचमढ़ी पहुंचे थे। इस यात्रा में उनके पिता भी शामिल थे। शुक्रवार सुबह समूह के सदस्य प्रसिद्ध प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पहुंचे थे। यहां से सतपुड़ा की पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। पर्यटक यहां अक्सर तस्वीरें खिंचवाने और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं।
बताया जा रहा है कि विजय नायक भी व्यू प्वाइंट पर फोटो खिंचवा रहे थे। इसी दौरान एक बंदर उनका बैग छीनकर ले जाने लगा। विजय ने अपना सामान बचाने और बंदर से बैग वापस लेने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल नहीं पाए और सीधे गहरी खाई में जा गिरे।हादसा इतना गंभीर था कि विजय को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में पर्यटन स्थल की खुशियां मातम में बदल गईं। बच्चों और अन्य लोगों ने जब उन्हें खाई में गिरते देखा तो वहां अफरा-तफरी मच गई।
पिता और बच्चों के सामने हुआ दर्दनाक हादसा
विजय नायक के साथ उनके पिता भी पचमढ़ी घूमने आए थे। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त उनके पिता और स्कूल के बच्चे भी आसपास मौजूद थे। अपने शिक्षक और समूह के नेतृत्वकर्ता को अचानक खाई में गिरते देखकर बच्चे घबरा गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कुछ ही सेकंड में यह सब कैसे हो गया।विजय के पिता के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक रही। जिस बेटे के साथ वह घूमने के लिए पचमढ़ी आए थे, उसी को अपनी आंखों के सामने हादसे का शिकार होते देख परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बच्चों और अन्य सदस्यों में भी घटना के बाद मातम पसरा रहा।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। खाई काफी गहरी होने के कारण विजय तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस और स्थानीय बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद उनका शव खाई से बाहर निकाला।इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पचमढ़ी थाना पुलिस ने मामले की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की गई। घटना के बाद पर्यटक समूह के सदस्यों को संभालना भी प्रशासन के सामने चुनौती रही।
प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर बंदरों का आतंक
इस हादसे के बाद पचमढ़ी के पर्यटन स्थलों पर बंदरों के उत्पात को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां अक्सर बंदर खाने-पीने की चीजें और पर्यटकों के बैग छीनने की कोशिश करते हैं। कई बार पर्यटक अपना सामान बचाने के लिए बंदरों के पीछे दौड़ने लगते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदरों के कारण पर्यटकों को लगातार परेशानी होती है। कुछ होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बंदरों से बचाव के लिए लोहे की जालियां तक लगवानी पड़ी हैं। पर्यटन स्थलों पर बंदरों को आसानी से खाने की चीजें मिल जाने के कारण उनकी गतिविधियां बढ़ने की बात भी सामने आती रही है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने व्यू प्वाइंट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है।
कमजोर रेलिंग और सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर हुए इस हादसे ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच कमजोर रेलिंग को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। लोगों का कहना है कि गहरी खाइयों के आसपास मजबूत सुरक्षा रेलिंग होनी चाहिए, ताकि किसी पर्यटक का संतुलन बिगड़ने पर उसे खाई में गिरने से बचाया जा सके।इसके अलावा खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, पर्यटकों की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात करने और बंदरों के उत्पात को नियंत्रित करने की जरूरत बताई जा रही है। खासकर बच्चों के समूहों के साथ आने वाले शिक्षकों और अभिभावकों को ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।पर्यटकों को भी सलाह दी जाती है कि बंदरों के हाथ से सामान छूटने या छीने जाने पर उसे वापस लेने के लिए उनके पीछे न दौड़ें। खासकर पहाड़ी और खाई वाले इलाकों में ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है।
एक छोटी सी घटना ने ले ली शिक्षक की जान
विजय नायक की मौत ने पचमढ़ी घूमने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। एक शिक्षक अपने स्कूल के बच्चों को प्रकृति और पर्यटन का अनुभव कराने के लिए निकले थे, लेकिन एक बंदर से बैग बचाने की कोशिश उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।इस घटना से सबसे बड़ा सबक यही है कि पर्यटन स्थलों पर वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। वहीं प्रशासन के लिए भी यह हादसा चेतावनी है कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर मजबूत रेलिंग, चेतावनी संकेत और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
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