- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जन्माष्टमी मनाकर लौट...
जन्माष्टमी मनाकर लौट रही तीन महिलाओं को ट्रक ने कुचला मौके पर मौत

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की खुशियां एक परिवार और गांव के लिए मातम में बदल गईं। जन्माष्टमी का उत्सव देखकर और मंदिर में पूजा-अर्चना कर घर लौट रही तीन महिलाओं को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा देर रात नेशनल हाईवे-44 पर घिरोना हनुमान मंदिर के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे बनी कई दुकानों से जा टकराया।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की। हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाएं सिविल लाइन्स पुलिस थाना क्षेत्र के हरफूल का पुरा गांव की रहने वाली बताई गई हैं।
जन्माष्टमी मनाने गई थीं मंदिर
जानकारी के मुताबिक तीनों महिलाएं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर गई थीं। जन्माष्टमी को लेकर इलाके में उत्सव का माहौल था और मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
तीनों महिलाएं भी श्रद्धा के साथ जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल हुईं। देर रात कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे अपने घर लौट रही थीं।
इसी दौरान नेशनल हाईवे-44 पर घिरोना हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
दिल्ली की ओर जा रहे ट्रक ने मारी टक्कर
बताया जा रहा है कि ट्रक दिल्ली की ओर जा रहा था। इसी दौरान घिरोना हनुमान मंदिर के पास सड़क से गुजर रही तीनों महिलाओं को उसने जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिलाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एक साथ तीन महिलाओं की मौत से घटनास्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। जन्माष्टमी के उत्सव के बाद हुई इस दुर्घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे।
टक्कर के बाद दुकानों में घुसा ट्रक
महिलाओं को टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित ट्रक सड़क से नीचे उतर गया और किनारे बनी कई दुकानों से जा टकराया।
इससे दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिलाओं को टक्कर मारने के बाद भी ट्रक काफी दूर तक अनियंत्रित रहा।
दुकानों से टकराने के बाद ट्रक रुका। घटना के बाद हाईवे और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गांव में पसरा मातम
हादसे में तीनों महिलाओं की मौत की खबर हरफूल का पुरा गांव पहुंची तो मातम पसर गया। जन्माष्टमी मनाने के लिए घर से निकली महिलाओं के परिजनों को उनके वापस लौटने का इंतजार था, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर पहुंच गई।
एक ही गांव की तीन महिलाओं की मौत से ग्रामीण भी सदमे में हैं। त्योहार के मौके पर हुई इस दुर्घटना ने उत्सव की खुशियों को शोक में बदल दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि दुर्घटना के समय ट्रक की रफ्तार कितनी थी और चालक किन परिस्थितियों में वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।
घटनास्थल और आसपास मौजूद लोगों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दुर्घटना से संबंधित अन्य तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है।
हाईवे पर तेज रफ्तार फिर बनी जानलेवा
नेशनल हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर पैदल चलने वालों के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। रात के समय दृश्यता कम होने और भारी वाहनों की तेज गति के कारण दुर्घटना का जोखिम और बढ़ सकता है।
घिरोना हनुमान मंदिर के पास हुए हादसे में भी तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से तीन महिलाओं की जान चली गई।
धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हाईवे या मुख्य सड़कों के आसपास पैदल लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय वाहन चालकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की जाती है।
दुकानों को भी हुआ नुकसान
ट्रक के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी दुकानों से टकराने के कारण संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि दुकानों को हुए नुकसान का पूरा आकलन सामने आना बाकी है।
यह भी जांच का विषय होगा कि दुर्घटना के समय दुकानों के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं। यदि वहां लोग मौजूद होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर हाईवे पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक स्थलों के आसपास त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल आते-जाते हैं।
ऐसे स्थानों पर पर्याप्त रोशनी, संकेतक, बैरिकेडिंग और वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के उपाय दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।
इसके साथ भारी वाहन चालकों को भी आबादी और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदलीं
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए मंदिर गई तीनों महिलाओं ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कि घर लौटते समय उनकी यात्रा अंतिम साबित होगी।
देर रात नेशनल हाईवे-44 पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने तीन जिंदगियां छीन लीं। एक ही गांव की तीन महिलाओं की मौत ने उनके परिवारों के साथ पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार के अलावा कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार था या नहीं।





