मध्य प्रदेश

Raisen में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग का कार्यालय बदहाली का शिकार

Gulabi Jagat
4 Jan 2026 10:48 PM IST
Raisen में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग का कार्यालय बदहाली का शिकार
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Raisen, रायसेन। जिले के ग्रामीण यांत्रिकी विभाग (आरईएस) का कार्यालय इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। भवन की खिड़कियों के कांच टूटे पड़े हैं। वहीं छत से कंक्रीट के टुकड़े मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। आरईएस कार्यालय कण्डम और दफ्तर परिसर की जर्जर हालत न केवल कर्मचारियों बल्कि यहां आने वाले ग्रामीणों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।
ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग भवन के अंदर और बाहर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। दीवारों पर पान और गुटखा थूकने से लाल-पीले दाग साफ नजर आते हैं। इससे साफ-सफाई व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय कार्यालय होने के बावजूद नियमित सफाई और रखरखाव की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही।



कर्मचारियों में डर का माहौल....
कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है और कई जगहों से प्लास्टर गिर चुका है। बारिश भर दीवाले शीलन भरी रहती हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इस ओर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
ग्रामीणों को भी हो रही परेशानी...,
ग्रामीण क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को भी गंदगी और अव्यवस्था के बीच घंटों बैठना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब विभागीय कार्यालय की यह हालत है तो ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
प्रशासन की अनदेखी....
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद आरईएस भवन की मरम्मत और सफाईऔर पुताई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी इस बदहाली पर कब संज्ञान लेते है और कार्यालय की स्थिति सुधारने के लिए क्या उचित कदमउठाते है। जिसका लोगों को इंतजार है।
जिला मुख्यालय स्थित ग्रामीण यांत्रिकी विभाग इन दोनों अव्यवस्थाओं के साए में है। छत से कहते प्लास्टर के मलबा शीलन भरी दिवालें और गुटखा पान की लाल पीली पीक की निशानियां विभाग की अब पहचान बन चुकी है। जहां एक ओर सारे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। वही इस विभाग में स्वच्छता का मजाक उड़ रहा है। दरअसल आरईएस विभाग की मरम्मत सालों से नहीं कराई गई है जिससे भवन आहिस्ता _आहिस्ता खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। शुरुआती दौर में इस विभाग की रंगत देखते ही बनती थी। हाल ही के दिनों में रस विभाग के खिड़कियों के कांच टूटे-फूटे पड़े हैं छत से प्लास्टर आदि का मलबा तेजी गिर रहा है तो कहीं दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है। जिससे विभाग के अधिकारी कर्मचारी खतरे के साए मे कामकाज करने को मजबूर हैं। जिसे देखकर शहर की अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस भवन को रिपेयरिंग की आवश्यकता है। यह बोल कमरे में रखें पुराने कबाड़ और यहां फैले मकड़ियों के जाल को देखने से ऐसा लगता है कि सालों से यहां की साफ सफाई नहीं कराई गई है।
टॉयलेट में भी साफ सफाई नहीं... फैली गंदगी
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के टॉयलेट में भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यहां रोजाना ठेकेदार और ग्रामीण क्षेत्र के लोग कामकाज के लिए आते हैं।यदि उन्हें बात समझाना पड़ता है तो नाक पर रुमाल रखकर बाथरूम जाना पड़ता है। ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता को बढ़ावा देने वाले विभाग में ही गंदगी पसंद रही है इससे तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
इनका कहना है...
बनाई जाएगी अच्छी व्यवस्था....
आरआईएस विभाग की अच्छी व्यवस्था बनाई जाएगी। जल्द ही बजट आने पर बिल्डिंग में मेंटेनेंस कराया जाएगा और भवन में रंग रोगन भी कराया जाएगा। शरद कुमार तंतुवाय आरईएस विभाग रायसेन
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