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मध्य प्रदेश
सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डाला: जीतू पटवारी
SHIDDHANT
19 Jun 2026 10:02 PM IST

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Bhopal भोपाल। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, उनकी जमीन, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और सम्मान पर सरकार द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग एक करोड़ 53 लाख आदिवासी निवास करते हैं, लेकिन सरकार ने उनके जीवन, सम्मान और अधिकारों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि आदिवासी समाज की जमीन बिना सक्षम सरकारी अनुमति के गैर-आदिवासी नहीं खरीद सकते। इसके बावजूद विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हुआ है। जल, जंगल और जमीन के वास्तविक संरक्षक आदिवासी हैं, लेकिन सरकार विकास के नाम पर जंगलों का विनाश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लागू किए गए वन अधिकार अधिनियम का मध्यप्रदेश में खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और आदिवासियों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी समाज को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है। आदिवासी छात्रों के लिए संचालित योजनाओं में भारी अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि आदिवासी समाज के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा तक पूरी तरह निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित लगभग 1 लाख 53 हजार बैकलॉग पद वर्षों से खाली पड़े हैं। सरकार जानबूझकर इन पदों को नहीं भर रही है, जिससे हजारों योग्य युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश से लगभग पौने दो लाख आदिवासी महिलाएं और युवतियां लापता हुई हैं या मानव तस्करी का शिकार बनी हैं। यह स्थिति अत्यंत भयावह और चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार 'लाड़ली बहना' योजना का प्रचार करती है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े भी बताते हैं कि आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश में शीर्ष राज्यों में शामिल है। पटवारी ने सरकार पर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले जिस घोटाले को 200 करोड़ रुपये का माना जा रहा था, वह अब 500 करोड़ रुपये के कारोबार में बदल चुका है। उन्होंने ऐलान किया है कि कांग्रेस सरकार बनने पर आदिवासी भूमि सौदों, विस्थापन, वन अधिकारों के उल्लंघन, बैकलॉग भर्ती, महिलाओं की सुरक्षा और तबादला घोटालों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।आदिवासियों की जमीन, जंगल और अधिकारों की रक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ती रहेगी।
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