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बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन, नीलम पार्क में युवाओं ने उठाई आवाज

भोपाल : बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर गुरुवार को राज्यभर के छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ‘बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा नीलम पार्क पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती बरती, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।
नीलम पार्क में आयोजित एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन में करीब 150 प्रदर्शनकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी की समस्या, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, कथित पेपर लीक, संविदा व्यवस्था के तहत नियुक्तियों और नर्सिंग छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश और प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंदोलन के राज्य समन्वयक प्रमोद नामदेव ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से आंसू गैस, वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा की और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है, लेकिन यदि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है तो यह चिंता का विषय है।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने की मांग की। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का विश्वास कमजोर होता है और उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
छात्र नेताओं ने संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित भविष्य की योजना बना सकें।
प्रदर्शनकारियों ने नर्सिंग छात्रों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की भी मांग की। उनका कहना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नर्सिंग छात्रों के मुद्दों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
इस दौरान युवाओं ने सरकार से मांग की कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने कहा कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक वर्ग की समस्या नहीं हैं, बल्कि पूरे युवा वर्ग से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार से संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान की अपील की।
प्रदर्शन के बाद आयोजकों ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने की जानकारी सामने आई है।
बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा लंबे समय से युवाओं के बीच चर्चा का विषय रहा है। गुरुवार का प्रदर्शन भी इसी व्यापक चिंता को लेकर आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने रोजगार, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाया।





