- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- महाकाल मंदिर के पास...
महाकाल मंदिर के पास सरकारी सराफा गर्ल्स स्कूल शिफ्टिंग पर रोक

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर के पास स्थित सरकारी सराफा गर्ल्स स्कूल को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना फिलहाल रोक दी गई है। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने साफ किया है कि छात्राएं अभी मौजूदा स्कूल भवन में ही पढ़ाई जारी रखेंगी। प्रशासन ने यह फैसला छात्राओं और उनके अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया है।
दरअसल, स्कूल को उज्जैन से करीब 7 किलोमीटर दूर दौदखेड़ी क्षेत्र में शिफ्ट करने का प्रस्ताव सामने आया था। इस प्रस्ताव के बाद छात्राओं और उनके माता-पिता ने विरोध शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि दूर स्थान पर स्कूल जाने से छात्राओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अभिभावकों ने स्कूल स्थानांतरण को लेकर सुरक्षा, आने-जाने की सुविधा और समय की समस्या का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि वर्तमान स्कूल शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां छात्राओं को पहुंचने में आसानी होती है। वहीं, दौदखेड़ी तक रोजाना आना-जाना कई छात्राओं के लिए मुश्किल हो सकता है।
मामले को लेकर बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन ने छात्राओं और अभिभावकों की बात सुनी। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसी भी निर्णय से पहले छात्राओं से बातचीत की जाए और उनकी समस्याओं को समझा जाए।
कलेक्टर ने कहा कि छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल स्कूल को स्थानांतरित करने का निर्णय रोक दिया गया है। जब तक किसी दूसरी जगह पर छात्राओं के लिए बेहतर और उपयुक्त व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक पढ़ाई वर्तमान स्कूल भवन में ही जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य छात्राओं को किसी तरह की परेशानी में डालना नहीं है। यदि भविष्य में स्कूल को किसी अन्य स्थान पर ले जाने की जरूरत महसूस होती है तो उससे पहले वहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकारी सराफा गर्ल्स स्कूल शहर के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल है। बड़ी संख्या में छात्राएं यहां शिक्षा प्राप्त करती हैं। स्कूल की वर्तमान स्थिति और स्थान को देखते हुए अभिभावक इसे छात्राओं के लिए सुविधाजनक मानते हैं।
स्कूल शिफ्टिंग के प्रस्ताव के बाद छात्राओं ने भी अपनी चिंता जाहिर की थी। उनका कहना था कि नया स्थान दूर होने से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कई छात्राओं को सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है, ऐसे में दूरी बढ़ने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
अभिभावकों का कहना था कि स्कूल बदलने से पहले प्रशासन को छात्राओं की सुविधा, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने मांग की थी कि कोई भी फैसला लेने से पहले उनसे राय ली जाए।
प्रशासन के फैसले के बाद छात्राओं और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि फिलहाल स्कूल यथावत चलने से छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि स्कूल से जुड़े सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए। भविष्य में यदि स्थानांतरण की योजना पर विचार किया जाता है तो छात्राओं और अभिभावकों की सहमति और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं। इसी क्रम में आसपास के क्षेत्रों में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत सरकारी सराफा गर्ल्स स्कूल को दूसरी जगह ले जाने का प्रस्ताव आया था।
हालांकि, प्रशासन ने फिलहाल इस योजना को रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विकास कार्य के साथ नागरिकों और विद्यार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है।
इस फैसले से स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिली है। अब वे बिना किसी बदलाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। वहीं, प्रशासन भी भविष्य की योजना तैयार करते समय छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखेगा।





