मध्य प्रदेश

कटी अंगुली ने खोली पोल, पति की हत्या में पत्नी को उम्रकैद

Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 4:52 PM IST
कटी अंगुली ने खोली पोल, पति की हत्या में पत्नी को उम्रकैद
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शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर में पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पति द्वारा पत्नी के अवैध संबंधों का विरोध किए जाने के बाद उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। इसी साजिश के तहत हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और डीएनए जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हुए। आरोपी का कटा हुआ अंगूठा और उससे जुड़े डीएनए का मिलान अभियोजन पक्ष के मामले में अहम कड़ी बना।
प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब अदालत के फैसले के बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन हुआ है।
शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पति की हत्या के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अवैध संबंधों का विरोध करने पर पति की हत्या करने वाली पत्नी, उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। करीब डेढ़ साल पहले हुई इस वारदात की जांच में घटनास्थल से मिली कटी हुई अंगुली और डीएनए जांच निर्णायक साक्ष्य साबित हुए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों पर विचार करने के बाद तीनों को दोषी ठहराया।
यह मामला रिश्तों में पैदा हुए विवाद, हत्या की साजिश और अपराध छिपाने की कोशिश से जुड़ा है। शुरुआती दौर में पत्नी ने हत्या के पीछे अज्ञात लोगों का हाथ होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए साक्ष्यों ने मामले की दिशा बदल दी। अंततः वैज्ञानिक जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की भूमिका उजागर हुई।
अवैध संबंधों का विरोध बना हत्या की वजह
मामले के अनुसार, शाजापुर जिले में ममता मालवीय के राहुल मालवीय के साथ संबंध थे। जब ममता के पति मुकेश को इसकी जानकारी हुई, तो उसने विरोध किया। अभियोजन के मुताबिक, पति के विरोध से नाराज ममता ने राहुल के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस साजिश में राहुल ने अपने दोस्त सुनील को भी शामिल कर लिया।
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, 12 फरवरी 2025 की रात मुकेश अपने घर में सो रहा था। देर रात करीब एक बजे ममता ने फोन करके राहुल और सुनील को घर बुलाया। इसके बाद तीनों ने मिलकर मुकेश पर हमला किया। आरोपियों ने वारदात को इस तरह अंजाम दिया कि मुकेश को बचने का मौका नहीं मिला।
हत्या के दौरान कट गई प्रेमी की अंगुली
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ हत्या के दौरान सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, मुकेश ने हमले के दौरान बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान चाकू के वार के कारण राहुल की एक अंगुली कटकर घटनास्थल पर गिर गई। आरोपियों के लिए यह छोटा-सा घटनाक्रम आगे चलकर बड़ी मुश्किल का कारण बन गया।
वारदात के बाद राहुल और सुनील वहां से चले गए। इसके बाद ममता ने ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करने के लिए यह कहानी बताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पति की हत्या कर दी है। शुरुआत में इस दावे के आधार पर जांच की गई, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और दूसरे साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल जारी रखी।
कॉल डिटेल से पुलिस को मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने ममता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली। इससे राहुल के साथ उसके संपर्क के बारे में
महत्वपूर्ण
जानकारी मिली और जांच की दिशा आरोपियों की ओर बढ़ी। पुलिस ने राहुल को पकड़ा तो उसकी एक अंगुली कटी हुई मिली। घटनास्थल से बरामद अंगुली और राहुल के डीएनए नमूनों की जांच कराई गई।
डीएनए परीक्षण में दोनों का मिलान होने से अभियोजन पक्ष को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मिला। इस निष्कर्ष ने घटनास्थल पर मिली अंगुली और राहुल के बीच संबंध स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही कॉल डिटेल, घटनाक्रम और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी मामले की जांच में शामिल किया गया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से मजबूत हुआ अभियोजन पक्ष
हत्या जैसे गंभीर अपराधों की जांच में घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, मोबाइल फोन की जानकारी और फोरेंसिक जांच अहम भूमिका निभाते हैं। शाजापुर के इस मामले में भी कटी हुई अंगुली और डीएनए रिपोर्ट ने जांच को निर्णायक दिशा दी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्थापित करने का प्रयास किया गया कि हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई साजिश के तहत की गई थी।
मामले में वैज्ञानिक जांच का महत्व इसलिए भी बढ़ गया, क्योंकि वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। लेकिन घटनास्थल से मिला साक्ष्य आरोपियों के दावे से अलग कहानी सामने लाने में मददगार साबित हुआ। अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद तीनों को दोषी करार दिया।
अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद शाजापुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ममता मालवीय, राहुल मालवीय और सुनील को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई वारदात में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आया।
अदालत के फैसले के साथ ही पति की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी तय हो गई। मामले का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि घटनास्थल पर मिली एक कटी हुई अंगुली ने जांच को अहम दिशा दी और डीएनए परीक्षण से आरोपी की पहचान से जुड़े साक्ष्य को मजबूती मिली।
अपराध छिपाने की कोशिश भी नहीं आई काम
इस मामले में हत्या के बाद अज्ञात लोगों पर आरोप लगाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, पुलिस ने केवल शुरुआती बयान पर निर्भर रहने के बजाय कॉल डिटेल और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की। इसी प्रक्रिया में आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खुला।
घटना यह भी दर्शाती है कि गंभीर आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। घटनास्थल पर मौजूद कोई छोटा-सा सबूत भी जांच की दिशा बदल सकता है, बशर्ते उसे सुरक्षित रखकर सही तरीके से वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए।
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