मध्य प्रदेश

MP में लगेगा सेमीकंडक्टर उद्योग, निवेशकों को साध रही सरकार

Saba Naaz
2 Aug 2026 7:46 PM IST
MP में लगेगा सेमीकंडक्टर उद्योग, निवेशकों को साध रही सरकार
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भोपाल। भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में ही माइक्रोचिप और सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पादों का निर्माण हो, जिससे देश की विदेशी बाजारों पर निर्भरता कम हो सके। इसके लिए सरकार वैश्विक स्तर पर निवेशकों को आकर्षित करने की योजना बना रही है।

मध्य प्रदेश सरकार इसी महीने एक ग्लोबल संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है। इस कार्यक्रम के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों के निवेशकों को प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह कार्यक्रम भोपाल या इंदौर में आयोजित किए जाने की संभावना है। इसमें निवेशकों को मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, सेमीकंडक्टर नीति, निवेश सुविधाओं और सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य केवल निवेश लाना ही नहीं है, बल्कि प्रदेश में अत्याधुनिक तकनीक, रोजगार के अवसर और तकनीकी कौशल का विकास करना भी है। सेमीकंडक्टर उद्योग को भविष्य की अर्थव्यवस्था का अहम आधार माना जा रहा है। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए माइक्रोचिप बेहद जरूरी होती हैं।

सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता मानी जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार पहले से प्रशिक्षित युवाओं की टीम तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। सरकार ऐसी एजेंसियों से संपर्क कर रही है, जिनके पास सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं का नेटवर्क मौजूद है।

इसके अलावा प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी इस उद्योग से जोड़ने की तैयारी है। इससे आने वाले समय में प्रदेश में ही सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञ तैयार किए जा सकेंगे।

निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ सरकार औद्योगिक इकाइयां लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी जोर दे रही है। योजना है कि निवेशकों को जमीन आवंटन और जरूरी अनुमतियां एक महीने के भीतर उपलब्ध करा दी जाएं। इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग पहले से ही पर्यावरण, फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रहा है।

सरकार की कोशिश है कि निवेशक प्रदेश में आने के बाद लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में न उलझें और जल्द से जल्द अपनी औद्योगिक इकाई शुरू कर सकें। इसके अलावा नीति के प्रावधानों के अनुसार पात्र कंपनियों को सब्सिडी और अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्य प्रदेश को बड़ा निवेश प्रस्ताव भी मिल चुका है। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड ने प्रदेश में करीब 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से विश्वस्तरीय ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

कंपनी द्वारा भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओएसएटी इकाई स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इस परियोजना से प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का मानना है कि बड़े निवेश और मजबूत तकनीकी आधार के साथ मध्य प्रदेश देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं तकनीकी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाए।

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