मध्य प्रदेश

क्षिप्रा को प्रदूषण से बचाना पहली प्राथमिकता : CM मोहन

Uma Verma
2 April 2025 9:11 AM IST
क्षिप्रा को प्रदूषण से बचाना पहली प्राथमिकता : CM मोहन
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एमपी | मध्य प्रदेश में शहरों के सीवरेज प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि क्षिप्रा नदी में किसी भी हाल में प्रदूषण न होने पाए। सरकार शहरी स्वच्छता और जल संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है, और इसी कड़ी में राज्यभर में सीवरेज सुधार कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया है।

CM की सख्ती, देरी बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रोजेक्ट में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर उन शहरों में, जहां नदियों के किनारे बसे इलाकों में गंदे पानी का सीधा निकास किया जाता है, वहां सख्ती से नियमों का पालन करवाने के आदेश दिए गए हैं।

क्षिप्रा नदी की स्वच्छता सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने उज्जैन और आसपास के इलाकों में बहने वाली क्षिप्रा नदी की साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। यह नदी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, और आने वाले समय में महाकाल मंदिर व अन्य धार्मिक स्थलों पर बढ़ते दर्शनार्थियों को देखते हुए इस नदी को स्वच्छ बनाए रखना आवश्यक हो गया है।

प्रोजेक्ट की स्थिति और लक्ष्य

राज्यभर में सीवरेज सुधार प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है।

कुछ शहरों में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है।

सरकार ने तय किया है कि सभी अधूरे प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

नदी प्रदूषण रोकने के लिए आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंगे।

नगर निकायों को विशेष जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और नगर पालिकाओं को शहरों में जल निकासी प्रणाली की मॉनिटरिंग करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों की सफाई नियमित रूप से की जाए और कचरा व गंदे पानी को नदियों में जाने से रोका जाए।

जनता से भी सहयोग की अपील

सरकार ने आम नागरिकों से भी सीवरेज सुधार और जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

सरकार अब इस पूरे अभियान को मिशन मोड में लेकर चलेगी, ताकि मध्य प्रदेश की नदियां और शहरों की जल निकासी व्यवस्था स्वच्छ और व्यवस्थित हो सके। आने वाले समय में सीवरेज सुधार को लेकर नए नियम और सख्त दिशानिर्देश लागू किए जा सकते हैं।

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