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एमपी | उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल को श्री गणेश स्वरूप में अलंकृत किया गया। अनोखी श्रंगार झांकी के दर्शन के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की।
हर दिन की तरह मंगलकारी बेला में भस्म आरती का आयोजन हुआ, लेकिन आज का दिन भक्तों के लिए बेहद खास था। बाबा महाकाल का श्रृंगार श्री गणेश रूप में किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो गए। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंज उठे।
गणेश स्वरूप में क्यों हुए श्रृंगारित?
शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के पुत्र गणेश प्रथम पूज्य हैं, और सभी शुभ कार्यों से पहले उनकी आराधना की जाती है। मान्यता है कि महाकालेश्वर स्वयं भी समय-समय पर गणेश रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिससे जीवन में मंगल और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
सुबह 4 बजे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
भस्म आरती में शामिल होने के लिए देशभर से हजारों भक्त पहुंचे।
बाबा महाकाल के विशेष श्रृंगार के बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
महाकाल मंदिर में भस्म आरती का महत्व
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है। यह आरती रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में की जाती है और इसमें बाबा महाकाल को भस्म (चिता भस्म) अर्पित की जाती है। मान्यता है कि यह आरती महाकालेश्वर को प्रसन्न करने और मृत्यु भय से मुक्ति पाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
भक्तों के लिए विशेष प्रबंध
महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए थे।
ऑनलाइन बुकिंग से भक्तों को दर्शन की सुविधा दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
प्रसाद और जल सेवा के लिए विशेष शिविर लगाए गए।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएं
भस्म आरती के दौरान महाकालेश्वर के गणेश स्वरूप के दर्शन कर भक्तों की आस्था और भी गहरी हो गई।
एक श्रद्धालु ने कहा, "ऐसा दुर्लभ दृश्य जीवन में पहली बार देखा, मानो स्वयं गणपति बाबा प्रकट हो गए हों।"
दूसरे भक्त ने कहा, "महाकाल की कृपा से हर संकट दूर हो जाता है, यह आरती हमारे लिए सौभाग्यशाली अवसर है।"
महाकाल की कृपा से पूर्ण होगा हर कार्य
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भाद्रपद और चैत्र महीने में महाकाल के गणेश स्वरूप के दर्शन अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इससे जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि महाकाल के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन से हर कष्ट दूर होगा और समस्त मनोकामनाएं पूरी होंगी।





