मध्य प्रदेश

MP में पति हत्याकांडों की बढ़ती संख्या, रिश्तों पर उठे सवाल

Ratna Netam
12 July 2026 4:30 PM IST
MP  में पति हत्याकांडों की बढ़ती संख्या, रिश्तों पर उठे सवाल
x

Bhopal भोपाल : भोपाल, 12 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश में पिछले छह महीनों के दौरान पति-पत्नी के रिश्तों से जुड़े कई सनसनीखेज हत्या के मामले सामने आए हैं। अलग-अलग जिलों में हुई इन घटनाओं ने वैवाहिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और बदलती सामाजिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में कई मामलों में पत्नियों और उनके कथित प्रेमियों पर पति की हत्या की साजिश रचने के आरोप सामने आए हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते छह महीनों में पति की हत्या से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने कई घटनाओं में पत्नी और कथित प्रेमी की भूमिका की जांच की है। कुछ मामलों में हत्या के लिए सुपारी देने, जहर देकर मारने, गला घोंटने या वारदात को दुर्घटना का रूप देने जैसे आरोप सामने आए हैं।

इन घटनाओं में रीवा, पन्ना और नरसिंहपुर के मामले सबसे अधिक चर्चा में रहे। रीवा जिले में खेत से मिले एक युवक के शव की जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि हत्या की साजिश में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी की भूमिका सामने आई। वहीं पन्ना जिले में एक मामले को शुरुआत में सामान्य मौत माना गया, लेकिन जांच और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया और कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।

नरसिंहपुर में हाईवे किनारे मिले शव की जांच के दौरान भी पुलिस ने हत्या की आशंका जताई। जांच में पत्नी और उसके कथित प्रेमी सहित अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई। पुलिस ने इन मामलों में साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की है।

इसके अलावा धार और इंदौर के मामलों ने भी लोगों को हैरान किया। धार में एक मसाला कारोबारी की हत्या को शुरुआत में लूट की घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच के बाद मामला बदल गया। जांच एजेंसियों ने हत्या की साजिश से जुड़े कई पहलुओं की जांच की और आरोपियों पर कार्रवाई की। इसी तरह इंदौर के राऊ क्षेत्र में एक कारोबारी की मौत को पहले सड़क हादसा समझा गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मामला हत्या में बदल गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। कई मामलों में जहर देने, गला घोंटने, धारदार हथियारों के इस्तेमाल और पेशेवर अपराधियों की मदद लेने जैसी बातें सामने आईं। कुछ घटनाओं में सबूत मिटाने, शव छिपाने या हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश भी जांच का हिस्सा बनी।

मनोचिकित्सकों और सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि रिश्तों में बढ़ता तनाव, आपसी विश्वास की कमी, संवादहीनता, मानसिक दबाव और नशे जैसी समस्याएं कई बार गंभीर अपराधों की वजह बन सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी घटना के आधार पर पूरे समाज या किसी एक वर्ग को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि हर अपराध के पीछे अलग-अलग व्यक्तिगत परिस्थितियां होती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई दंपती खराब होते रिश्तों से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन सामाजिक दबाव, परिवार की चिंता और कानूनी प्रक्रिया के कारण कई बार स्थिति और जटिल हो जाती है। ऐसे हालात में कुछ लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं, जबकि अधिकांश लोग बातचीत और कानूनी माध्यमों से समाधान तलाशते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि किसी भी आरोपी का दोष अदालत की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

इन घटनाओं ने समाज में रिश्तों की मजबूती, आपसी संवाद और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते विवादों का समाधान और रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखना ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Next Story