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Gwalior : एयर फ़ोर्स स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सेना के जवान ने खुद को गोली मारी

ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयर फ़ोर्स स्टेशन से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात भारतीय सेना के एक जवान ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सैन्य परिसर और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह महाराजपुरा स्थित एयर फ़ोर्स स्टेशन परिसर में हुई, जबकि इसकी जानकारी रविवार को सार्वजनिक हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जवान ने अपनी सर्विस राइफल की बैरल छाती और पेट के बीच रखकर ट्रिगर दबा दिया। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद साथी जवानों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 41 वर्षीय इसेंद्र सिंह भदौरिया के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के भिंड जिले का निवासी था और 300 डीएससी (Defence Security Corps) प्लाटून में जनरल ड्यूटी (GD) सिपाही के पद पर तैनात था। उसकी जिम्मेदारी एयर फ़ोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था संभालना थी। घटना के समय भी वह अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात था।
घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से सर्विस राइफल और अन्य आवश्यक साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस और सेना के अधिकारी संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जवान ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
जांच अधिकारी मृतक के साथ ड्यूटी करने वाले जवानों और अधिकारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। इसके अलावा हाल के दिनों में उसकी मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सेवा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना से पहले जवान ने किसी से बातचीत की थी या नहीं।
सेना के अधिकारियों ने भी अपने स्तर पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (Court of Inquiry) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस जांच में यह देखा जाएगा कि घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी की स्थिति और हथियारों के उपयोग से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। सेना की आंतरिक जांच रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद एयर फ़ोर्स स्टेशन परिसर में शोक का माहौल है। साथी जवानों ने इसेंद्र सिंह भदौरिया को एक अनुशासित और जिम्मेदार सैनिक बताया। हालांकि, उन्होंने घटना के कारणों को लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा बलों में कार्यरत जवान लगातार कठिन परिस्थितियों, लंबी ड्यूटी, मानसिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच काम करते हैं। ऐसे मामलों में घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता केवल विस्तृत जांच के बाद ही लगाया जा सकता है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सेना की आंतरिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
यह घटना सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। हालांकि, इस मामले में अभी तक आत्महत्या के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस और सेना की जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की गई है।





