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मध्य प्रदेश
चांद और सनातन धर्म पर रामेश्वर शर्मा का बयान, सियासत में चर्चा
Ratna Netam
1 Nov 2026 3:22 PM IST

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भोपाल। मध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक रामेश्वर शर्मा का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि 'चंद्रमा सनातन धर्म का है।' उनके इस कथन ने धार्मिक और वैचारिक विमर्श को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। बयान में चंद्रमा को सनातन परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस टिप्पणी का पूरा संदर्भ, वह किस कार्यक्रम या चर्चा के दौरान कही गई और इसके पीछे विधायक की विस्तृत दलील क्या थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने वाले बीजेपी नेताओं में शामिल हैं। उनके बयानों में अक्सर धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और हिंदू मान्यताओं का उल्लेख देखने को मिलता है। इस बार चंद्रमा को लेकर दिया गया उनका कथन चर्चा का विषय बन गया है।
चंद्रमा को सनातन परंपरा से जोड़ने का मामला
भारतीय सनातन परंपरा में चंद्रमा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म के अनेक धार्मिक ग्रंथों, व्रत-त्योहारों और पूजा-पद्धतियों में चंद्रमा का उल्लेख मिलता है। भारतीय संस्कृति में चंद्रमा को केवल आकाश में दिखाई देने वाले खगोलीय पिंड के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और प्राकृतिक जीवनचक्र से जुड़े प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। भगवान शिव की जटाओं में चंद्रमा विराजमान होने की धार्मिक मान्यता है। इसी कारण उन्हें चंद्रशेखर और चंद्रमौलेश्वर जैसे नामों से भी जाना जाता है। महाशिवरात्रि, करवा चौथ, शरद पूर्णिमा और अन्य पर्वों में भी चंद्रमा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कई व्रतों का पारण चंद्रमा के दर्शन के बाद किया जाता है।सनातन परंपरा में चंद्रदेव को देवता के रूप में पूजने की मान्यता भी प्रचलित है। वैदिक साहित्य और पुराणों में चंद्रमा से संबंधित अनेक प्रसंग मिलते हैं। इस धार्मिक पृष्ठभूमि में विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सांस्कृतिक और धार्मिक चर्चा का हिस्सा बन गया है।
हिंदू धर्म में चंद्रमा का क्या है महत्व?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा का संबंध मन, शीतलता, सौंदर्य और प्रकृति से भी जोड़ा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। जन्मकुंडली में चंद्रमा की स्थिति को व्यक्ति की मानसिक स्थिति और भावनात्मक स्वभाव से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं।पुराणों में चंद्रदेव को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। एक प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार चंद्रमा का संबंध समुद्र मंथन से है। समुद्र मंथन के दौरान निकले चौदह रत्नों में चंद्रमा का भी उल्लेख मिलता है। भगवान शिव ने चंद्रमा को अपनी जटाओं में धारण किया था। इसी धार्मिक प्रसंग के कारण चंद्रमा सनातन धार्मिक प्रतीकों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
चंद्रयान मिशन के बाद चांद को लेकर बढ़ी चर्चा
भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों ने भी चंद्रमा को लेकर देश में उत्सुकता बढ़ाई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान मिशन ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर महत्वपूर्ण पहचान दिलाई है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके साथ ही भारत चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बना था।चंद्रयान-3 की सफलता के बाद देशभर में जश्न मनाया गया था। इस उपलब्धि ने विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। चंद्रमा को लेकर भारतीयों की धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक जिज्ञासा दोनों लंबे समय से मौजूद हैं।यहां यह अंतर समझना भी जरूरी है कि धार्मिक परंपराओं में चंद्रमा को देवता और आस्था के प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाता है, जबकि विज्ञान की दृष्टि से चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। वैज्ञानिक अध्ययन और धार्मिक मान्यताएं अपने-अपने अलग-अलग आधारों पर काम करती हैं।
राजनीतिक बयान के संदर्भ पर नजर
रामेश्वर शर्मा के बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा की संभावना इसलिए भी है, क्योंकि देश में सनातन धर्म, धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषय अक्सर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनते रहे हैं। बीजेपी के नेता विभिन्न अवसरों पर सनातन परंपरा और हिंदू संस्कृति के संरक्षण की बात करते रहे हैं।हालांकि, इस विशेष बयान पर किसी राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया या विपक्षी नेताओं की टिप्पणी की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर किसी राजनीतिक विवाद या विरोध का दावा करना उचित नहीं होगा।
आस्था और विज्ञान के बीच चंद्रमा की अलग पहचान
भारत में चंद्रमा का महत्व धार्मिक परंपराओं से लेकर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान तक फैला हुआ है। एक ओर लोग पूर्णिमा, अमावस्या और चंद्र दर्शन से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक चंद्रमा की सतह, मिट्टी, खनिज और वहां मौजूद संभावित संसाधनों का अध्ययन कर रहे हैं।रामेश्वर शर्मा के 'चंद्रमा सनातन धर्म का है' वाले बयान ने इसी विषय को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके कथन का विस्तृत संदर्भ सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उन्होंने यह टिप्पणी किस राजनीतिक, धार्मिक या सांस्कृतिक प्रसंग में की थी।फिलहाल उनका यह बयान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान के संदर्भ में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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