- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- MP : सिकल सेल एनीमिया...
MP : सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया ऐतिहासिक पहल

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल सिकल सेल डे’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन’ के तहत देश में चल रहे प्रयासों की समीक्षा की और इसके व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि ‘इंटरनेशनल सिकल सेल डे’ का आयोजन एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से निपटने की दिशा में जागरूकता फैलाने और प्रयासों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी जेनेटिक बीमारी विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर प्रभाव डालती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने ‘नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन’ के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस मिशन के अंतर्गत स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने इसे दुनिया में जेनेटिक बीमारियों की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी पहलों में से एक बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के मिशन केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे आगे बढ़कर प्रभावित लोगों को समय पर उपचार, परामर्श और जागरूकता प्रदान करने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में ऐसी स्वास्थ्य योजनाएं लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यह मिशन देश के कई राज्यों में सक्रिय रूप से चल रहा है, जहां विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य सिकल सेल एनीमिया के मामलों की जल्द पहचान करना और आगे की जटिलताओं को रोकना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जो रक्त कोशिकाओं की संरचना को प्रभावित करती है और मरीजों को लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शुरुआती पहचान और उपचार इस बीमारी के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इस मिशन की सफलता में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय समुदायों की भी अहम भूमिका रही है। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिलकर काम करें।
कुल मिलाकर, ‘नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन’ को लेकर राष्ट्रपति के इस बयान ने देश में चल रहे स्वास्थ्य प्रयासों को एक नई दिशा और उत्साह प्रदान किया है। यह पहल भारत को जेनेटिक बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में वैश्विक स्तर पर एक मजबूत उदाहरण के रूप में स्थापित करने की ओर अग्रसर है।





