मध्य प्रदेश

MP News : जब गेहूं की फसल बचाने मंत्री कूद पड़े खेत में

Uma Verma
23 March 2025 9:21 AM IST
MP News : जब गेहूं की फसल बचाने मंत्री कूद पड़े खेत में
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एमपी | मध्य प्रदेश के शाजापुर में एक अनूठी इंसानियत की मिसाल देखने को मिली, जब राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू परमार ने सड़क पर गुजरते हुए जलते खेत को देखा और तुरंत अपना काफिला रुकवा दिया। मंत्री ने न केवल खुद आग बुझाने में मदद की, बल्कि मौके पर मौजूद किसानों और स्थानीय लोगों को भी राहत देने का काम किया।

रास्ते में दिखी जलती फसल, तुरंत उतरे मदद के लिए

घटना शाजापुर जिले के एक गांव की है, जहां किसान अपने खेतों में लगी आग से जूझ रहे थे। मंत्री जीतू परमार जब अपने काफिले के साथ वहां से गुजर रहे थे, तो उन्होंने सड़क किनारे खेत में लपटें उठती देखीं। बिना देर किए उन्होंने गाड़ियों को रुकवाया और खेत की तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने न सिर्फ आग बुझाने में मदद की, बल्कि प्रशासन को भी तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

किसानों के लिए भावुक हुए मंत्री

आग की लपटें तेज हो रही थीं, लेकिन मंत्री परमार खुद भी पानी और कपड़ों से आग बुझाने में जुट गए। किसानों को जब पता चला कि मंत्री खुद मदद कर रहे हैं, तो वे भी राहत महसूस करने लगे। परमार ने मौके पर कहा, "यह सिर्फ किसानों की फसल नहीं, बल्कि उनके परिवार की रोजी-रोटी है। इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है।"

फायर ब्रिगेड बुलाई, नुकसान को रोका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ी तबाही टल गई। हालांकि, कुछ हिस्सा जल चुका था, लेकिन समय रहते कार्रवाई करने से किसानों का बड़ा नुकसान होने से बच गया।

मंत्री की सराहना, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

इस घटना के बाद मंत्री जीतू परमार के इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरे और वीडियो शेयर कर उनकी तारीफ की। कई लोगों ने इसे सच्ची नेतृत्व क्षमता और आम जनता के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल बताया।

फसल जलने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम

मंत्री ने इस मौके पर प्रशासन को निर्देश दिया कि खेतों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी और मदद का भरोसा दिलाया।

यह घटना यह साबित करती है कि जब नेता जनता के दर्द को समझते हैं, तो उनका विश्वास और बढ़ता है। जीतू परमार का यह कदम निश्चित रूप से किसानों के दिलों में एक खास जगह बना चुका है।


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