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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर के बाहरी क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब रीवा से इंदौर आ रही एक स्लीपर बस का टायर फटने के बाद उसमें अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन चालक और बस स्टाफ की सूझबूझ से सभी 25 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
यह घटना क्षिप्रा पुलिस थाना क्षेत्र के सामने गुरुवार सुबह करीब 11:40 बजे हुई। उस समय बस रीवा से इंदौर की ओर आ रही थी और अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। अचानक बस का एक टायर तेज धमाके के साथ फट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टायर फटने के तुरंत बाद बस में आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में वाहन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
इंदौर ग्रामीण के डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टायर फटने के बाद आग लगी और तेजी से फैलने लगी। हालांकि बस चालक और स्टाफ ने बिना समय गंवाए यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में अचानक धुआं उठता देख यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। बस कर्मचारियों ने यात्रियों का सामान भी निकालने में मदद की, जिससे किसी का सामान अंदर नहीं फंसा।
पुलिस के अनुसार, बस में कुल 25 यात्री सवार थे। सभी यात्री रीवा और सतना जिले के निवासी बताए गए हैं और इंदौर की ओर यात्रा कर रहे थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
घटना की जानकारी मिलते ही सांवेर से दमकल की एक टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग काफी तेज थी, इसलिए उसे पूरी तरह नियंत्रित करने में कुछ समय लगा। दमकल कर्मियों के प्रयासों से आग को फैलने से रोक लिया गया, हालांकि तब तक बस का एक बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था।
आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास विशेष व्यवस्था की। जलती हुई बस से लगभग 100 मीटर की दूरी तक सड़क के दोनों ओर यातायात रोक दिया गया, ताकि किसी अन्य वाहन या व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे और दमकल कर्मी बिना किसी बाधा के अपना कार्य कर सकें।
कुछ समय के लिए इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, लेकिन आग पर नियंत्रण मिलने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य कर दिया गया। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उनके आगे के सफर की व्यवस्था के लिए बस संचालक से संपर्क किया।
प्रारंभिक जांच में टायर फटना आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि टायर फटने के पीछे तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों में नियमित तकनीकी जांच अत्यंत आवश्यक होती है। विशेष रूप से टायर, ब्रेक और इंजन की समय-समय पर जांच नहीं होने पर इस प्रकार की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। गर्म मौसम और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान टायरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इसलिए उनकी गुणवत्ता और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
पुलिस ने बताया कि बस में लगी आग के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होना राहत की बात रही। स्थानीय लोगों ने भी चालक और बस कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की, जिन्होंने बिना घबराए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और बस में आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि लंबी यात्रा के दौरान यदि वाहन में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या धुआं दिखाई दे तो तुरंत चालक को सूचित करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है।





