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MP : डॉ. मोहित भंडारी दुनिया की पहली रोबोटिक टेलीसर्जरी करने के लिए तैयार

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भारतीय मेडिकल कम्युनिटी के लिए गौरव का पल आते ही है, जब जाने-माने बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल कॉन्फ्रेंस में दुनिया की पहली रोबोटिक टेलीसर्जरी करेंगे।
डॉ. भंडारी को इस विशेष ऑपरेशन के लिए रॉयल ऑस्ट्रेलेशियन कॉलेज ऑफ़ सर्जन्स से स्पेशल ऑपरेटिंग लाइसेंस मिला है। यह लाइसेंस विश्व की सबसे सख्त और मान्यता प्राप्त मेडिकल अथॉरिटी द्वारा दिया गया है और इसके तहत ही उन्हें कॉलेज के सालाना कांग्रेस के दौरान लाइव ऑपरेशन करने की अनुमति मिली है। इस सफलता से न केवल डॉ. भंडारी की व्यक्तिगत विशेषज्ञता को मान्यता मिली है, बल्कि भारतीय मेडिकल टेक्नोलॉजी में बढ़ती वैश्विक पकड़ को भी दर्शाया गया है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान, डॉ. भंडारी स्टेज से रोबोटिक सर्जिकल कंसोल का उपयोग करके गैस्ट्रिक बाईपास प्रोसीजर करेंगे। इसमें मरीज़ कहीं और मौजूद होगा और डॉ. भंडारी रिमोट से ऑपरेशन करेंगे। यह टेलीसर्जरी लाइव रूप में दुनिया भर के प्रमुख सर्जनों के सामने प्रदर्शित की जाएगी, जिससे सर्जिकल टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मेडिकल कोलेबोरेशन में हुई प्रगति को सीधे दिखाया जा सकेगा।
डॉ. भंडारी एशिया में बैरिएट्रिक सर्जरी के क्षेत्र में पायनियर माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में अब तक 40,000 से अधिक बैरिएट्रिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इससे पहले उन्हें स्पेन, यूनाइटेड स्टेट्स, जर्मनी और ताइवान जैसे देशों में लाइव सर्जरी के लिए अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस मिल चुका है। ये अनुभव और अंतरराष्ट्रीय मान्यता उनके ग्लोबल रेप्युटेशन को और मजबूत करती है।
इस टेलीसर्जरी के ज़रिए डॉ. भंडारी न केवल तकनीकी महारत दिखाएंगे, बल्कि भारत की एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी में बढ़ती लीडरशिप को भी ग्लोबल स्तर पर पेश करेंगे। इस ऑपरेशन में उपयोग की जाने वाली रोबोटिक तकनीक सर्जिकल प्रिसिजन, सुरक्षा और दक्षता को बढ़ाती है। यह मेडिकल फील्ड में रिमोट सर्जरी की नई संभावनाओं को भी खोलती है।
डॉ. भंडारी ने बताया कि उनका उद्देश्य भारतीय सर्जरी और टेक्नोलॉजी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से पेश करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के ऑपरेशन ग्लोबल कोलैबोरेशन, तकनीकी अपडेट और सर्जिकल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की टेलीसर्जरी से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सर्जरी का लाभ मिलेगा, जिससे हेल्थकेयर तक पहुंच और बेहतर होगी। इस पहल से यह भी साबित होता है कि भारत न केवल सर्जिकल एक्सीलेंस में बल्कि एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी में भी वैश्विक मानकों के अनुरूप कदम बढ़ा रहा है।
डॉ. मोहित भंडारी की यह उपलब्धि भारतीय मेडिकल कम्युनिटी के लिए प्रेरणास्पद है और उन्हें वैश्विक सर्जिकल इकोसिस्टम में एक अग्रणी स्थिति दिलाने में मदद करेगी।





