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इंदौर में दूध महंगा, 1 अक्टूबर से घर पहुंच दूध 65 और दुकानों पर 68 रुपये लीटर

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूध खरीदने वाले लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने 1 अक्टूबर से दूध की नई दरें लागू करने की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत घर पहुंच दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 65 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। होम डिलीवरी की कीमत में एक रुपये प्रति लीटर का डिलीवरी चार्ज भी शामिल रहेगा।
दूध की कीमतों में बदलाव का सीधा असर शहर के हजारों परिवारों पर पड़ेगा। नियमित रूप से दूध की होम डिलीवरी लेने वाले ग्राहकों को अब प्रति लीटर दो रुपये अधिक चुकाने होंगे। अगर कोई परिवार प्रतिदिन दो लीटर दूध खरीदता है तो उसकी मासिक दूध की लागत में लगभग 120 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह ज्यादा दूध की खपत वाले परिवारों का खर्च और बढ़ेगा।
इंदौर दूध विक्रेता संघ की ओर से नई दरों की घोषणा के बाद दूध विक्रेताओं को इसकी जानकारी दे दी गई है। शहर में घर-घर दूध पहुंचाने वाले विक्रेता अब 65 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध देंगे। इसमें एक रुपये प्रति लीटर का होम डिलीवरी शुल्क शामिल रहेगा। यानी दूध की मूल कीमत और घर तक पहुंचाने की सेवा को जोड़कर यह दर तय की गई है।
दूसरी ओर जो ग्राहक सीधे दुकानों से खुला दूध खरीदेंगे, उन्हें प्रति लीटर 68 रुपये चुकाने होंगे। इस तरह घर पहुंच दूध और दुकानों पर मिलने वाले खुले दूध की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर का अंतर रहेगा। संघ की ओर से घोषित नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी मानी जाएंगी।
दूध दैनिक जरूरत की सबसे महत्वपूर्ण वस्तुओं में से एक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन दूध का इस्तेमाल करते हैं। घरों में चाय, कॉफी, दही, छाछ, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करने में भी दूध की जरूरत होती है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है।
दूध की नई कीमतों का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहेगा। चाय की दुकानों, मिठाई की दुकानों, होटल, रेस्तरां और डेयरी उत्पाद तैयार करने वाले छोटे कारोबारियों की लागत भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि इन कारोबारों की ओर से फिलहाल किसी कीमत बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई है।
शहर में दूध की मांग प्रतिदिन बड़े स्तर पर रहती है। स्थानीय दूध विक्रेताओं के अलावा कई बड़ी डेयरी कंपनियां भी पैकेट वाला दूध उपलब्ध कराती हैं। खुला दूध खरीदने वाले ग्राहकों का एक बड़ा वर्ग अब भी स्थानीय दूध विक्रेताओं और डेयरी दुकानों पर निर्भर है। ऐसे ग्राहकों के लिए नई दरें विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
दूध विक्रेता संघ द्वारा घोषित कीमतें स्थानीय स्तर पर खुले दूध की बिक्री से संबंधित हैं। पैकेट वाले दूध की कीमत संबंधित कंपनियों द्वारा अलग से तय की जाती है। इसलिए बाजार में अलग-अलग ब्रांड और दूध की गुणवत्ता के आधार पर कीमतों में अंतर बना रह सकता है।
दूध के दाम बढ़ने के बाद ग्राहकों के बीच मासिक खर्च को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है। उदाहरण के तौर पर प्रतिदिन एक लीटर घर पहुंच दूध लेने वाले ग्राहक को पुरानी दर के अनुसार महीने में करीब 1,890 रुपये खर्च करने पड़ते थे। नई 65 रुपये प्रति लीटर की दर से 30 दिनों का खर्च करीब 1,950 रुपये हो जाएगा। यानी केवल एक लीटर प्रतिदिन की खपत पर मासिक खर्च करीब 60 रुपये बढ़ जाएगा।
वहीं यदि कोई ग्राहक दुकान से रोज एक लीटर खुला दूध 68 रुपये की नई दर पर खरीदता है तो 30 दिनों में करीब 2,040 रुपये खर्च होंगे। इस तरह दूध की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी भी पूरे महीने के घरेलू बजट पर स्पष्ट असर डाल सकती है।
इंदौर में दूध की कीमतों को लेकर समय-समय पर दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के बीच बैठकें होती रही हैं। उत्पादन लागत, पशु आहार, परिवहन, मजदूरी और अन्य खर्च दूध की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई दरों की घोषणा के बाद अब शहर में दूध की बिक्री इसी संशोधित मूल्य पर होगी।
दूध विक्रेताओं के लिए होम डिलीवरी भी लागत से जुड़ी सेवा है। सुबह और शाम अलग-अलग इलाकों में घरों तक दूध पहुंचाने में वाहन, ईंधन और समय का खर्च होता है। नई दर में एक रुपये प्रति लीटर का डिलीवरी चार्ज शामिल करने का फैसला इसी व्यवस्था का हिस्सा बताया गया है।
नई कीमतों के लागू होने के बाद ग्राहकों को अपने दूध विक्रेता से कीमत की जानकारी लेने की जरूरत पड़ सकती है। विशेष रूप से मासिक हिसाब पर दूध लेने वाले परिवारों के बिल में अक्टूबर से बदलाव दिखाई देगा।
दूध की कीमतों में वृद्धि ऐसे समय हो रही है जब आम परिवार पहले से ही रोजमर्रा के सामान पर होने वाले खर्च को लेकर सतर्क हैं। सब्जी, किराना और अन्य जरूरी वस्तुओं के साथ दूध भी घरेलू बजट का नियमित हिस्सा है। ऐसे में कीमत में बढ़ोतरी का असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है।
इंदौर में बड़ी संख्या में परिवार सुबह सीधे दूध विक्रेताओं से दूध लेते हैं। कई इलाकों में पारंपरिक रूप से दूधवाले घर-घर जाकर दूध की आपूर्ति करते हैं। नई व्यवस्था के तहत इस सेवा के लिए अब 65 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना होगा।
वहीं दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर रहने के कारण ग्राहकों के पास होम डिलीवरी और दुकान से खरीदने के दोनों विकल्प मौजूद रहेंगे। हालांकि कीमतों में अंतर के कारण ग्राहक अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं।
फिलहाल इंदौर दूध विक्रेता संघ की नई दरें 1 अक्टूबर से लागू हो रही हैं। इसके साथ घर पहुंच दूध 63 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति लीटर और दुकानों पर खुला दूध 68 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। होम डिलीवरी की दर में एक रुपये प्रति लीटर का डिलीवरी शुल्क शामिल रहेगा। नई कीमतों का असर अब अक्टूबर महीने से शहर के उपभोक्ताओं के मासिक बजट में दिखाई देगा।





