मध्य प्रदेश

इंदौर में वन विभाग को बड़ी सफलता, पिंजरे में कैद हुआ घायल तेंदुआ

Kavita2
24 Oct 2026 4:10 PM IST
इंदौर में वन विभाग को बड़ी सफलता, पिंजरे में कैद हुआ घायल तेंदुआ
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के उमरिया खुर्द गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी से फैली दहशत के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों से ग्रामीणों की चिंता का कारण बने एक घायल तेंदुए को वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है। तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, वन अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि पकड़ा गया तेंदुआ वही है, जिसे गुरुवार से उज्जैनी रोड और क्रिसेंट वॉटर पार्क के आसपास देखा जा रहा था।

चारे के लालच में पिंजरे तक पहुंचा तेंदुआ

जानकारी के अनुसार, उमरिया खुर्द गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया गया था। शुरुआत में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने पर वन विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और पिंजरे को दूसरी जगह स्थापित किया।

इसके बाद तेंदुए की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए पिंजरे में चारा रखा गया। आखिरकार तेंदुआ चारे की ओर आकर्षित होकर पिंजरे के भीतर पहुंच गया और उसमें कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तेंदुए को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

सिर और चेहरे पर मिले चोट के निशान

रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने पाया कि पकड़ा गया तेंदुआ घायल अवस्था में है। उसके चेहरे और सिर पर चोट के निशान दिखाई दिए। हालांकि, चोट कैसे लगी और वह कितने समय से घायल था, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

घायल तेंदुए को प्राथमिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणि संग्रहालय ले जाया गया। यहां पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक उपचार किया जाना है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, घायल जंगली जानवरों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है। दर्द, कमजोरी या भय के कारण वे सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक सतर्क या आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे में घायल तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।

गुरुवार से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा

बताया जा रहा है कि गुरुवार से उज्जैनी रोड स्थित क्रिसेंट वॉटर पार्क के आसपास तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई थी। रिहायशी क्षेत्रों के आसपास तेंदुए के दिखाई देने की सूचना से स्थानीय लोग सतर्क हो गए थे।

ग्रामीणों को आशंका थी कि तेंदुआ किसी व्यक्ति या पालतू जानवर पर हमला कर सकता है। विशेष रूप से खेतों और सुनसान रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई थी।

इसी बीच वन विभाग ने संभावित खतरे को देखते हुए तेंदुए को पकड़ने के प्रयास शुरू किए। टीम ने पिंजरा लगाने के साथ उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार प्रयासों और पिंजरे की जगह बदलने के बाद आखिरकार एक तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिली।

एक और पिंजरा लगाया गया, निगरानी जारी

वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पकड़ा गया घायल तेंदुआ वही है या नहीं, जिसकी मौजूदगी की सूचना पिछले कुछ दिनों से मिल रही थी।

अधिकारियों ने अभी तक दोनों के एक ही होने की पुष्टि नहीं की है। इसी कारण एहतियात के तौर पर इलाके में एक और पिंजरा स्थापित किया गया है।

वन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में किसी अन्य तेंदुए की मौजूदगी तो नहीं है। यदि इलाके में दूसरा तेंदुआ सक्रिय है, तो उसकी पहचान और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

वन विभाग की बदली रणनीति आई काम

इस रेस्क्यू अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात पिंजरे का रणनीतिक पुनर्स्थापन रहा। वन विभाग ने तेंदुए की संभावित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पिंजरे की जगह बदली और उसमें चारा रखा।

इस प्रयास से तेंदुए को बिना सीधे संघर्ष के सुरक्षित पकड़ने में सफलता मिली। इससे न केवल वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली, बल्कि घायल वन्यजीव को भी अतिरिक्त नुकसान पहुंचने से बचाया जा सका।

वन्यजीवों के रेस्क्यू में ऐसी रणनीति महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि तेंदुआ जैसे फुर्तीले जानवर को सीधे पकड़ने का प्रयास जोखिम भरा हो सकता है।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत

एक तेंदुए के पकड़े जाने के बाद उमरिया खुर्द गांव में भय का माहौल कुछ हद तक कम हुआ है। हालांकि, दूसरे तेंदुए की संभावित मौजूदगी को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

ऐसे में ग्रामीणों के लिए जरूरी है कि वे सुनसान इलाकों में सावधानी बरतें और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें। तेंदुए को घेरने, उसके पास जाने या स्वयं पकड़ने का प्रयास खतरनाक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित कर्मचारी सुरक्षित तरीके से स्थिति को संभाल सकें।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तय होगा अगला कदम

फिलहाल घायल तेंदुए को कमला नेहरू प्राणि संग्रहालय में चिकित्सा देखभाल के लिए पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसकी चोटों की गंभीरता और आगे के उपचार की जरूरत का आकलन किया जा सकेगा।

तेंदुए के पूरी तरह स्वस्थ होने और उसकी स्थिति का मूल्यांकन किए जाने के बाद वन विभाग आगे का निर्णय ले सकेगा।

उमरिया खुर्द में चलाए गए इस अभियान से यह स्पष्ट हुआ है कि धैर्य, निगरानी और सही रणनीति के जरिए वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ा जा सकता है। हालांकि, क्षेत्र में दूसरे तेंदुए की मौजूदगी की आशंका समाप्त होने तक वन विभाग की सतर्कता महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

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