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मध्य प्रदेश
Kuno नेशनल पार्क को बड़ा झटका, मादा चीता निर्वा के 19 महीने के शावक की मौत
Ratna Netam
27 Oct 2026 9:00 PM IST

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मुरैना : 27 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जंगल में घायल अवस्था में मिले 19 महीने के नर चीता शावक की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। यह शावक कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता 'निर्वा' का बच्चा था। रविवार शाम निगरानी दल को जंगल में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया। चिकित्सकीय जांच में शावक के शरीर में गोली के छर्रे मिलने की जानकारी सामने आई है। इस घटना ने प्रोजेक्ट चीता के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
25 अक्टूबर को जंगल में घायल मिला था शावक
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार 25 अक्टूबर की शाम मुरैना क्षेत्रीय वन मंडल के अंतर्गत आने वाले जंगल में निगरानी दल को 19 महीने का नर चीता शावक घायल अवस्था में मिला था।शावक की हालत गंभीर थी और उसे चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।रात में ही निगरानी दल ने घायल शावक को सुरक्षित पकड़कर कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया। वहां वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने उसकी जांच शुरू की और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया।शुरुआत में वन विभाग ने बताया था कि चीते को चोट लगने के कारणों का पता नहीं चला है। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
शरीर में मिले गोली के छर्रे
घायल शावक की चिकित्सकीय जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, शावक के पेट में धातु के छर्रे पाए गए, जिससे उसे गोली लगने की आशंका मजबूत हुई।वन्यजीव चिकित्सकों ने उपचार के दौरान छर्रे निकालने का प्रयास किया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण शावक को बचाया नहीं जा सका।मंगलवार को उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।इस घटना को भारत में सितंबर 2022 से शुरू हुए चीता पुनर्वास कार्यक्रम के बाद गोली लगने से चीते की मौत का पहला ज्ञात मामला बताया जा रहा है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स कर रही जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश वन विभाग ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शावक को गोली किसने और किन परिस्थितियों में मारी।शुरुआती जांच में जंगली जानवरों के बीच संघर्ष और मानव हस्तक्षेप सहित कई संभावनाओं पर विचार किया गया था।वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार, मुरैना के जिस क्षेत्र में शावक घायल मिला था, वहां पहले भी वन्यजीवों के अवैध शिकार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी सामने आ चुकी है।हालांकि, इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता या शिकार के उद्देश्य की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कूनो के बाहर चीतों की सुरक्षा पर सवाल
कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाया गया है।इस परियोजना का उद्देश्य भारत में दशकों पहले विलुप्त हो चुके चीतों की आबादी को फिर से स्थापित करना है।पार्क में जन्मे कई शावक अब बड़े होकर आसपास के वन क्षेत्रों में भी विचरण कर रहे हैं। ऐसे में उनकी निगरानी और सुरक्षा वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।मुरैना में घायल मिले शावक की घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि संरक्षित क्षेत्र से बाहर जाने वाले चीतों की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों और वन्यजीवों के बीच बढ़ती चुनौती
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, चीतों के स्वतंत्र विचरण के लिए बड़े प्राकृतिक आवास की आवश्यकता होती है।जब ये जानवर संरक्षित वन क्षेत्रों से बाहर निकलकर गांवों या आबादी के आसपास पहुंचते हैं, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है।ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करना, वन्यजीवों की नियमित निगरानी करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है।मुरैना की घटना के बाद वन क्षेत्रों में गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रोजेक्ट चीता के लिए चिंताजनक घटना
भारत में सितंबर 2022 में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत की गई थी। इसके तहत मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क को चीतों के पुनर्वास का प्रमुख केंद्र बनाया गया।मादा चीता निर्वा के 19 महीने के नर शावक की मौत इस परियोजना के लिए चिंताजनक घटना है।फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोली चलने की घटना के पीछे कौन जिम्मेदार था।इस घटना ने एक बार फिर चीतों की सुरक्षा, जंगलों में अवैध शिकार की रोकथाम और संरक्षित क्षेत्रों के बाहर प्रभावी निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
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