- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- दिवाली से पहले प्रशासन...
दिवाली से पहले प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पटाखा गोदाम पर छापा

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आगामी दिवाली त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन ने पटाखों के अवैध और असुरक्षित भंडारण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में राऊ तहसील के पिगदंबर गांव में संचालित एक पटाखा गोदाम पर राजस्व विभाग की टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में एसडीएम राऊ लोकेन्द्र सिंह सरल की देखरेख में की गई। निरीक्षण में सामने आया कि गोदाम तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा था और आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।
पिगदंबर गांव में पटाखा गोदाम पर प्रशासन का छापा
जानकारी के अनुसार, शनिवार 17 अक्टूबर को राजस्व विभाग की टीम ने राऊ तहसील के पिगदंबर गांव में संचालित सुंदरम फायरक्रैकर एजेंसी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया।
यह गोदाम एबी रोड से लगभग 250 फीट अंदर स्थित बताया गया है। इसका संचालन जितेश बगेचा द्वारा किया जा रहा था, जो मोहनलाल बगेचा के पुत्र हैं और 117 विद्या नगर के निवासी बताए गए हैं।
प्रशासन को निरीक्षण के दौरान गोदाम में सुरक्षा व्यवस्था और पटाखों के भंडारण से जुड़ी कई खामियां मिलीं।
जांच टीम ने गोदाम के पहुंच मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की स्थिति, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस से संबंधित शर्तों की पड़ताल की। गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद गोदाम को तत्काल सील करने का निर्णय लिया गया।
संकरा रास्ता बना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर कमी गोदाम तक पहुंचने वाले रास्ते में पाई गई।
अधिकारियों के अनुसार, गोदाम का पहुंच मार्ग इतना संकरा था कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड के बड़े वाहनों का वहां तक पहुंचना कठिन हो सकता था।
पटाखों के भंडारण वाले स्थान पर आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों का समय पर पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे में संकरे रास्ते के कारण आग बुझाने और राहत कार्य संचालित करने में देरी होने का खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने इस स्थिति को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम माना।
आग बुझाने के उपकरण भी नहीं मिले दुरुस्त
गोदाम की जांच के दौरान अग्निशमन उपकरणों में भी गंभीर कमियां सामने आईं।
निरीक्षण टीम ने पाया कि मौके पर आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरण या तो सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे या पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं थे।
पटाखे अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री की श्रेणी में आते हैं। इनके भंडारण के दौरान अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षित दूरी और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी होता है।
अधिकारियों ने पाया कि गोदाम में लागू सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था।
ऐसे में किसी भी आकस्मिक घटना के दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी।
गोदाम में भंडारण के साथ हो रही थी बिक्री
राजस्व विभाग की टीम को जांच के दौरान यह भी पता चला कि संबंधित परिसर में विभिन्न प्रकार के पटाखों का भंडारण किया गया था।
इसके साथ ही गोदाम से पटाखों की बिक्री भी की जा रही थी। प्रशासन ने इस व्यवस्था को संबंधित लाइसेंस की शर्तों और लागू नियमों के विपरीत पाया।
अधिकारियों के अनुसार, पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना जरूरी है।
जिस स्थान के लिए जिस प्रकार की अनुमति जारी की जाती है, वहां उसी के अनुरूप गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए।
जांच में संबंधित गोदाम के लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर गोदाम सील
निरीक्षण में मिली अनियमितताओं को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने सुंदरम फायरक्रैकर एजेंसी के गोदाम को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया।
कार्रवाई एसडीएम लोकेन्द्र सिंह सरल की निगरानी में की गई। इस दौरान नायब तहसीलदार राऊ धीरज सोनी और राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने बताया कि पटाखों के सुरक्षित भंडारण से जुड़े नियमों तथा लाइसेंस की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह कदम उठाया गया है।
गोदाम को सील किए जाने के बाद वहां संचालित गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में गोदाम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
दिवाली से पहले पटाखा कारोबारियों को सख्त संदेश
दिवाली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ जाती है। त्योहार के नजदीक आते ही पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों में गतिविधियां तेज हो जाती हैं।
ऐसे समय में सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी से आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेष रूप से पटाखों के बड़े गोदामों में सुरक्षा व्यवस्था का पर्याप्त होना आवश्यक है।
इसी कारण जिला प्रशासन ने पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
पिगदंबर गांव में हुई कार्रवाई से पटाखा कारोबारियों को यह संदेश दिया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
पटाखों के भंडारण के लिए जरूरी हैं सुरक्षा इंतजाम
पटाखों के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है।
ऐसे परिसरों में अग्निशमन उपकरण, उचित पहुंच मार्ग, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और आवश्यक अनुमतियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसके अलावा भंडारण की अधिकृत क्षमता तथा बिक्री संबंधी शर्तों का पालन भी जरूरी होता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों जैसे ज्वलनशील पदार्थों के आसपास आग के संभावित स्रोतों को नियंत्रित रखना और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था करना बेहद महत्वपूर्ण है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी दुर्घटना की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करना है।
कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई, आगे भी रहेगी नजर
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में पटाखों के सुरक्षित भंडारण को लेकर प्रशासन का सख्त रुख सामने आया है।
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गोदाम की वास्तविक स्थिति की जांच की और अनियमितताएं पाए जाने पर सील करने की कार्रवाई की।
प्रशासन का उद्देश्य दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े संभावित खतरों को रोकना है।
पिगदंबर के सुंदरम फायरक्रैकर एजेंसी गोदाम में संकरा पहुंच मार्ग, अपर्याप्त अग्निशमन उपकरण और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन जैसी कमियां सामने आईं।
फिलहाल गोदाम सील है। आगे की कार्रवाई संबंधित नियमों और प्रशासनिक जांच के आधार पर निर्धारित होगी।





