मध्य प्रदेश

CM मोहन यादव से मिलने पहुंचीं सुमित्रा महाजन, बाहर निकलते ही बोलीं- 'नौकरी मांगने आई थी'

Triveni
18 Oct 2026 9:35 AM IST
CM मोहन यादव से मिलने पहुंचीं सुमित्रा महाजन, बाहर निकलते ही बोलीं- नौकरी मांगने आई थी
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अपनी ही सरकार पर कसा तंज
इंदौर : मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने पहुंचीं सुमित्रा महाजन ने बाहर निकलने के बाद पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराते हुए कहा, 'मैं नौकरी मांगने आई थी।' उनका यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। हालांकि, इस मजाकिया टिप्पणी के पीछे इंदौर की अधूरी विकास परियोजनाओं का गंभीर मुद्दा था। दरअसल, सुमित्रा महाजन शनिवार, 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने शहर की लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत शुरू हुए कार्यों और धनराशि की कमी के कारण अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दिया मजाकिया जवाब
मुख्यमंत्री से मुलाकात खत्म होने के बाद जब सुमित्रा महाजन रेसीडेंसी कोठी से बाहर निकलीं, तो पत्रकारों ने उनसे बातचीत की। मीडिया ने पूछा कि मुख्यमंत्री से मिलने का क्या उद्देश्य था। इसके जवाब में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह नौकरी मांगने आई थीं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, सुमित्रा महाजन ने बाद में स्पष्ट किया कि वह किसी पद की मांग करने नहीं, बल्कि इंदौर के विकास से जुड़े अधूरे कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत करने पहुंची थीं। उनकी टिप्पणी मजाकिया अंदाज में की गई थी।
स्मार्ट सिटी के अधूरे कामों को लेकर जताई चिंता
सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने इंदौर की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शुरू किए गए अधूरे निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शुरू किए गए थे, लेकिन पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष का कहना था कि जिन परियोजनाओं पर सरकार पहले ही बड़ी राशि खर्च कर चुकी है, उन्हें अधूरा छोड़ना उचित नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराए, ताकि निर्माण कार्य पूरा हो सके और शहर के नागरिकों को उसका लाभ मिल सके।
कला संकुल का निर्माण अधूरा, वर्षों से इंतजार
सुमित्रा महाजन ने विशेष रूप से इंदौर के एमजी रोड स्थित कला संकुल परियोजना का मामला उठाया। जानकारी के अनुसार, पुराने मराठी स्कूल की जगह कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए कला संकुल बनाने का काम शुरू किया गया था। यह परियोजना स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकसित की जा रही थी। भवन का बड़ा हिस्सा तैयार होने के बावजूद निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण कला संकुल अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत उपलब्ध धनराशि समाप्त हो जाने से परियोजना का काम रुक गया है। उन्होंने राज्य सरकार से आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर परियोजना पूरी कराने का अनुरोध किया।
अहिल्या स्मारक का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सुमित्रा महाजन ने अहिल्या स्मारक परियोजना को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्मारक से जुड़े निर्माण कार्यों में कुछ बाधाएं सामने आ रही हैं, जिनका समाधान आवश्यक है। सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री से संबंधित अधिकारियों के साथ इस विषय पर बातचीत कर लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। अहिल्या स्मारक इंदौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। ऐसे में उन्होंने इसके निर्माण को जल्द पूरा कराने पर जोर दिया।
शहर की जल समस्या पर भी हुई चर्चा
सुमित्रा महाजन ने इंदौर में पेयजल आपूर्ति और पाइपलाइन लीकेज की समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने नर्मदा जल आपूर्ति की पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण पानी की बर्बादी पर चिंता व्यक्त की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पाइपलाइनों का डिजिटल मैप तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि लीकेज वाले स्थानों की पहचान करके समय पर मरम्मत की जा सके। इससे शहर में पानी की बर्बादी रोकने और पेयजल आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
क्या अपनी ही सरकार से नाराज हैं सुमित्रा महाजन?
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन लंबे समय से इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अधूरी परियोजनाओं पर उनकी चिंता भी सामने आई। उनकी मजाकिया टिप्पणी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर शुरू हुई हैं, लेकिन इसे सरकार से नाराजगी या किसी राजनीतिक पद की मांग का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात का उद्देश्य शहर की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना था।
क्या मुख्यमंत्री ने दिया कोई आश्वासन?
सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री के सामने लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। हालांकि, कला संकुल और अहिल्या स्मारक को लेकर राज्य सरकार की तरफ से किसी निश्चित बजट स्वीकृति या निर्माण पूरा होने की समयसीमा की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद इंदौर की इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है।
इंदौर की राजनीति में 'ताई' का बड़ा कद
सुमित्रा महाजन मध्य प्रदेश की वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं। वह इंदौर लोकसभा सीट से लगातार आठ बार सांसद निर्वाचित हुईं और लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। राजनीतिक जीवन में लंबे अनुभव और शहर के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें इंदौर में सम्मानपूर्वक 'ताई' कहा जाता है। इस बार भी मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात चर्चा में है। हालांकि, उनके मजाकिया बयान से अधिक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इंदौर की लंबित विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक धनराशि कब उपलब्ध होगी।
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