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मध्य प्रदेश बना सौर ऊर्जा का नया केंद्र, Neemuch में 2.14 रुपये प्रति यूनिट पर मिलेगी सोलर बिजली

Bhopal, भोपाल। मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। प्रदेश में सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली की दरों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। नीमच में स्थापित 500 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली का टैरिफ 2.14 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इसे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे कम सौर ऊर्जा टैरिफ में से एक बताया।
नीमच में आयोजित शाजापुर-नीमच सोलर पार्क के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश ने सोलर पार्क विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि 2.14 रुपये प्रति यूनिट की दर वैश्विक स्तर पर भी बेहद प्रतिस्पर्धी है और यह नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे। इस दौरान नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पार्क का शुभारंभ किया गया। दोनों परियोजनाओं से उत्पादित बिजली का टैरिफ 2.14 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित हुआ है।
सरकार के अनुसार, आगर मालवा जिले में भी 550 मेगावॉट क्षमता का सोलर पार्क विकसित किया जा रहा है। तीनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मालवा क्षेत्र के नीमच, शाजापुर और आगर मालवा जिलों में कुल 1500 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता विकसित हो जाएगी। इससे प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश में बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा पवन और सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ स्रोतों से प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि पहले सौर ऊर्जा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठता था कि सूर्यास्त के बाद बिजली की आपूर्ति कैसे होगी, लेकिन अब बैटरी स्टोरेज तकनीक इस चुनौती का समाधान बन रही है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के मुरैना में 440 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजना के साथ 1760 मेगावॉट-आवर बैटरी स्टोरेज प्रणाली विकसित की जा रही है। इस व्यवस्था के जरिए सुबह के पीक आवर्स में दो घंटे तथा शाम 7 से 9 बजे के बीच भी सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति संभव हो सकेगी।
प्रल्हाद जोशी ने गांधीसागर पंप स्टोरेज परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1920 मेगावॉट क्षमता वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज परियोजनाओं में शामिल है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग और ग्रिड की स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम टैरिफ पर सौर ऊर्जा उपलब्ध होने से बिजली वितरण कंपनियों की लागत घटेगी और भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को और बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।





