मध्य प्रदेश

लघु वेतन कर्मचारियों ने डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Gulabi Jagat
7 Nov 2025 8:57 PM IST
लघु वेतन कर्मचारियों ने डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
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रायसेन। मप्र लघु वेतन संघ जिला ईकाई के बैनर तले ज्ञापन उनकी 15 सूत्रीय विभिन्न मांगों को लेकर दिया गया है ।यह ज्ञापन मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला इकाई रायसेन के अध्यक्ष रामबाबू लोधी रामस्वरूप रैकवार के नेतृत्व में दिया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के आवाहन पर प्रथम चरण में आंदोलन किया जाएगा 7नवंबर शुक्रवार को दोपहर कर्मचारी एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे ।जहां डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह को 15 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया। जिसमें चेतावनी देते कहा देते हुए कहा है कि यदि उनकी जायज मांगे नहीं मानी गईं तो चरण भर आंदोलन किया जाएगा। यह ज्ञापन प्रदेश के सभी 55 जिलों में जिला मुख्यालय पर सौंपा गया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के तहसील अध्यक्ष बरेली गिरधारी लाल शिल्पी ,मोहर सिंह ,दीवान सिंह यादव ,जिला अध्यक्ष उदयभान सिंह मुंशीलाल ,महेश कुमार ,भागीरथ सिंह चंदन सिंह ,पन्नालाल ,खुमान सिंह मनोज यादव ,मनोज सेन ,माधौ सिंह धाकड़ आदि शामिल रहे।

ज्ञापन में ये हैं प्रमुख मांगें....
चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाए व्रत का परिणाम परिवर्तन करके कार्यालय सहायक करने के संबंध में लगभग 15 वर्षों से मांग की जा रही है जिसमें सरकार पर कोई आर्थिक सुधार नहीं आ रहा है ।हर समय इस मुद्दे पर शासन प्रशासन अफसरों से कई बार इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई है। प्रकरण भी मंत्री परिषद के पास तक गया ।लेकिन आज तक पदनाम परिवर्तन नहीं किया गया।यह प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है। प्रदेश में कार्यरत आकस्मिक और कार्य भारत सेवा के कर्मचारियों को नियमित स्थापना के रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए ।कुछ विभागों में लापरवाही चल रही है। कुछ विचाराधीन में है ।साथ ही कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण, पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है ।सरकारी कर्मचारियों की भांति 300 दिवस के अवकाश एवं पदोन्नति का फायदा दिया जाए। प्रदेश में लगभग सभी जिलों में स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय संचालित है। जिसमें 1 जनवरी 2016 से अधिकारी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का लाभ दिया जाता है। लेकिन चिकित्सा अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है।
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