मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से राहत के आसार, अगले चार दिन सक्रिय सिस्टम नहीं

Kavita2
29 Sept 2026 11:27 AM IST
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से राहत के आसार, अगले चार दिन सक्रिय सिस्टम नहीं
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भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले चार दिनों तक राज्य पर किसी सक्रिय मॉनसून सिस्टम का असर पड़ने की संभावना नहीं है। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर हो सकती हैं और आसमान साफ रहने के साथ धूप तेज होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग समेत पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। जहां पिछले दिनों बादल और बारिश का दौर बना हुआ था, वहां अब धूप निकलने से दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

राज्य में भारी बारिश का प्रमुख दौर फिलहाल थमता नजर आ रहा है। किसी बड़े सक्रिय सिस्टम के नहीं होने के कारण व्यापक और लगातार बारिश की संभावना कम है। हालांकि स्थानीय स्तर पर नमी और मौसम की परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या बादल बन सकते हैं, लेकिन बड़े हिस्से में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार और गुरुवार के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाके इस प्रक्रिया में सबसे पहले शामिल हो सकते हैं।

राजस्थान और पंजाब के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी पहले ही शुरू हो चुकी है। वापसी की रेखा अब पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। इसके कारण उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में मॉनसून की गतिविधियां तेजी से कमजोर हो सकती हैं।

उज्जैन और ग्वालियर संभाग को प्रदेश के उन शुरुआती इलाकों में माना जा रहा है, जहां से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद यह प्रक्रिया धीरे-धीरे राज्य के दूसरे हिस्सों की ओर बढ़ेगी। हालांकि मॉनसून की पूरी वापसी एक साथ नहीं होती और इसके लिए मौसम की कई परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी होता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसून की वापसी के दौरान बारिश की गतिविधियां कम होती हैं, हवा में नमी घटती है और आसमान अधिक साफ रहने लगता है। लगातार कुछ दिनों तक शुष्क मौसम बने रहने के बाद किसी क्षेत्र से मॉनसून की औपचारिक वापसी घोषित की जाती है।

भोपाल में भी अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है। शहर में धूप निकलने से दिन के समय गर्मी और उमस महसूस हो सकती है। रात और सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रह सकता है, लेकिन दिन में साफ आसमान के कारण तापमान ऊपर जा सकता है।

इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है। भारी बारिश का सिलसिला कमजोर होने के बाद अब लोगों को धूप और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण वातावरण में मौजूद नमी से उमस भी बढ़ सकती है।

उज्जैन संभाग में मॉनसून की वापसी के संकेत सबसे ज्यादा स्पष्ट माने जा रहे हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां पहले ही कम होने लगी हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहता है तो इस क्षेत्र से मॉनसून की वापसी की औपचारिक घोषणा हो सकती है।

ग्वालियर संभाग में भी आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है। यहां भी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। मॉनसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ने के साथ ग्वालियर क्षेत्र में शुष्क हवाओं का असर बढ़ सकता है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हालांकि मॉनसून की गतिविधियां कुछ समय और बनी रह सकती हैं। राज्य से मॉनसून की वापसी पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए जबलपुर, रीवा, शहडोल और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी मध्य प्रदेश की तुलना में मॉनसून का असर कुछ अधिक समय तक रह सकता है।

किसानों के लिए भी मौसम में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। जिन क्षेत्रों में खेतों में अधिक पानी भर गया था, वहां लगातार बारिश रुकने से राहत मिल सकती है। दूसरी तरफ खरीफ की फसलों के लिए मिट्टी में मौजूद नमी का स्तर भी महत्वपूर्ण रहेगा। बारिश के लंबे अंतराल की स्थिति में किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसलों की निगरानी करनी होगी।

भारी बारिश के दौर में प्रदेश के कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और जलभराव की स्थिति बनी थी। अब बारिश कमजोर होने के बाद ऐसे इलाकों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि जलाशयों और नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करते रहने की जरूरत है।

मौसम साफ होने के साथ दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री तक बदलाव संभव है। तेज धूप के कारण दोपहर के समय गर्मी बढ़ सकती है। सितंबर के अंतिम दिनों में मॉनसून कमजोर पड़ने के बाद मध्य प्रदेश में ऐसा बदलाव सामान्य रूप से देखने को मिलता है।

फिलहाल अगले चार दिनों तक किसी बड़े सक्रिय मॉनसून सिस्टम के प्रदेश को प्रभावित करने के संकेत नहीं हैं। इससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग समेत कई क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलने की संभावना है।

मौसम विभाग की नजर अब मॉनसून की वापसी की स्थितियों पर है। यदि मौसम शुष्क बना रहता है और हवा की दिशा तथा नमी की परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से जल्द ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश के मुख्य सीजन के समाप्त होने की प्रक्रिया भी धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी।

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