- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- मध्य प्रदेश में सरकारी...
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में सरकारी बस का किराया 1 KM पर 2 रुपये, यूपी-राजस्थान से भी महंगा
nidhi
29 Sept 2026 11:00 AM IST

x
सरकारी बस किराए में मध्य प्रदेश आगे
भोपाल: मध्यप्रदेश में हाल ही शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ अब किराए को लेकर चर्चा में आ गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को इस सेवा का शुभारंभ किया था। सरकार ने इसे नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था, लेकिन अब इसके किराए की दरों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नई परिवहन सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस बात में है कि अलग-अलग दूरी के लिए कितना किराया लिया जाएगा और यह मौजूदा सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से कितना अलग होगा।
25 सितंबर को हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ किया था। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। नई सेवा के जरिए यात्रियों को आधुनिक बसों और व्यवस्थित परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। साथ ही इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है।
किराए को लेकर शुरू हुई चर्चा
सेवा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद इसका किराया चर्चा का विषय बन गया है। कई यात्रियों का कहना है कि नई बस सेवा तभी ज्यादा उपयोगी साबित होगी, जब इसका किराया आम लोगों की पहुंच में रहे। लंबी दूरी और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। इसलिए अलग-अलग रूट पर लागू दरों को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है।
सस्ती यात्रा का दावा कितना कारगर
सरकार ने सेवा को ‘सुगम’ नाम दिया है, ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि बसों का किराया भी सुविधाजनक और किफायती हो। खासकर छात्रों, कर्मचारियों, ग्रामीण यात्रियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए दरें अहम होंगी। अगर किराया दूसरी परिवहन सेवाओं के मुकाबले प्रतिस्पर्धी रहता है तो इस सेवा को ज्यादा यात्रियों का समर्थन मिल सकता है।
आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में सुरक्षा और यात्री सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। बसों के संचालन, समय-सारिणी और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक परिवहन को निजी वाहनों का बेहतर विकल्प बनाया जाए और लोगों को नियमित यात्रा में सुविधा मिले।
अब किराया व्यवस्था पर नजर
नई सेवा के शुभारंभ के बाद अब सबसे बड़ा सवाल किराया व्यवस्था को लेकर है। यात्रियों को उम्मीद है कि सरकार रूट और दूरी के हिसाब से स्पष्ट एवं उचित किराया तय करेगी। आने वाले दिनों में विभिन्न मार्गों पर बस संचालन और किराए से जुड़ी स्थिति साफ होने के बाद यह पता चलेगा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा यात्रियों के लिए कितनी किफायती साबित होती है।
Next Story





