मध्य प्रदेश

अंतिम विदाई, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव हुए शामिल

SHIDDHANT
20 Nov 2025 9:49 PM IST
अंतिम विदाई, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव हुए शामिल
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। छत्तीसगढ़ में एंटी-नक्सल अभियान के दौरान शहीद हुए इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को बुधवार को उनके गृह जिले नरसिंहपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं अंतिम संस्कार में शामिल हुए और शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इंस्पेक्टर आशीष शर्मा छत्तीसगढ़ में तैनात थे और बीते दिनों सुरक्षा बलों के एंटी-नक्सल कैंपेन के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई हिंसक मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी शहादत की खबर के बाद से ही नरसिंहपुर में शोक की लहर फैल गई थी। बुधवार सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग उनके गांव में एकत्रित हुए और “वीर सपूत अमर रहे” के नारों के बीच अंतिम यात्रा निकाली गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने देश और समाज की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे मध्य प्रदेश और पूरे देश के लोग कभी नहीं भूल पाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शहीद के परिवार की हर संभव मदद करेगी और उनके बच्चों की शिक्षा तथा परिवार की आर्थिक सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी उठाएगी।
मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “नक्सलवाद देश के लिए एक चुनौती है, लेकिन हमारे जवानों के साहस और बलिदान की बदौलत इस पर लगातार लगाम लग रही है। इंस्पेक्टर आशीष शर्मा जैसे बहादुर अधिकारी हमेशा हमारे प्रेरणास्रोत रहेंगे।”
अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। शहीद की पत्नी, माता–पिता और रिश्तेदारों की आँखों में अपने प्रिय को खोने का दुख साफ झलक रहा था, लेकिन उनके चेहरे पर देश के लिए दिए गए बलिदान पर गर्व भी दिखाई दिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और शहीद को अंतिम विदाई दी। पूरे क्षेत्र में शोक का वातावरण रहा, वहीं सोशल मीडिया पर भी इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की शहादत को नमन करते हुए हजारों संदेश शेयर किए गए। इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की वीरगाथा ने एक बार फिर देश के उन जवानों की मिसाल पेश की है जो नक्सलवाद और आतंरिक सुरक्षा चुनौतियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देते हैं।
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