मध्य प्रदेश

शहर के मैरिज गार्डनों में सुरक्षा इंतजामों की कमी

Gulabi Jagat
8 Nov 2025 9:34 PM IST
शहर के मैरिज गार्डनों में सुरक्षा इंतजामों की कमी
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Raisen, रायसेन। शहर में संचालित मैरिज गार्डनों में आगजनी जैसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है जिससे शादी के दौरान कभी कोई हादसा घटित हो सकता है। ज्यादातर मेरी गार्डन में एक ही गेट है ।जिससे लोगों का आना-जाना बना रहता है।
देर रात तक बजाए जाते हैं डीजे....
नियमों के अनुसार यूं तो मैरिज गार्डन में रात 10 बजे के बाद डीजे ढोलनगाड़ों आदि नहीं बजना चाहिए।लेकिन शादी समारोह शुरु होते ही शहर के मैरिज गार्डनों में रात 12 के बाद तक तेज कान फोडू आवाज में डीजे साउंड बजना शुरु हो गए है. जिससे मैरिज गार्डनों के आसपास के रहवासियों को रात को सोना तक मुश्किल होना शुरू हो गया है.जबकि वर्तमान में 10 वीं और12 वीं की अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर शुरू हो चुकी।डीजों के शोरशराबे से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा शहर के अधिकांश मैरिज गार्डन में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तक नहीं है।
इनका कहना है....
सुरक्षा के इंतजामों को लेकर मैरिज गार्डन, धर्मशालाओं का निरीक्षण करवाया जा रहा है।जहां भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके अलावा पार्किंग, लाइसेंस रिन्यूअल करवाए या नहीं सभी की जांच की जा रही है।-आशुतोष सिंह सब इंजीनियर,नगर पालिका परिषद रायसेन
नियम के अनुसार यह होना जरूरी है....
शादी समारोह से तीन दिन पहले संबंधित थाने में सूचना देना, रात 10 बजे के बाद डीजे का उपयोग न करना, आतिशबाजी के लिए निर्धारित स्थान की जानकारी प्रशासन को देना, समारोह के बाद कचरा फेंकना, मैरिज गार्डन के कुल क्षेत्रफल का 35 फीसदी स्थान पार्किंग के लिए अनिवार्य है। लेकिन एक आध गार्डनों को छोड़ दें तो सभी मैरिज गार्डनों और धर्मशालाओं में पार्किंग नहीं है, जिससे सड़कों पर वाहन खड़े किए जाते हैं। जिस कारण राहगीर परेशान होते हैं।
नियम कायदों को रखा ताक पर...
शहर में अभी भी नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे मैरिज गार्डनों व धर्मशालाओं में शहनाइयां गूंज रही हैं। यहां नियम विरुद्ध तरीके से बुकिंग लेकर संचालक शादी समारोह के आयोजन करवा रहे हैं। इससे न सिर्फ नगरपालिका को राजस्व की क्षति पहुंच रही है।बल्कि लोगों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। मैरिज गार्डन का हर पांच साल में लाइसेंस रिन्युवल कराए जाने का शासन का नियम है।मैरिज गार्डन होटलों और धर्मशाला परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के लगाए जाने के भी आदेश अनिवार्य हैं ।लेकिन ज्यादातर मैरिज गार्डनों में सीसीटीवी कैमरे लगे ही नहीं हैं।
शहर में संचालित मैरिज गार्डनों, होटलों धर्मशालाओं नियम अनुसार वाहन पार्किंग और ओपन जगह होना चाहिए।लेकिन यहां धर्मशालाओं में भी बगैर सुविधाओं के शादी की शहनाईयां बज रही हैं।शादी गार्डनों में आने जाने के लिए अलग अलग रास्ते अग्निशमन यंत्र अनिवार्य किया गया है।महिला पुरुषों के लिए अलग -अलग पर्याप्त प्रसाधन होना जरूरी है।इसके अतिरिक्त कक्ष सहित अन्य सुविधाओं का पालन करना भी जरूरी है।
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