मध्य प्रदेश

Jabalpur:गंदे नालों से सब्जी की खेती पर हाई कोर्ट सख्त

Sarita
22 Nov 2025 9:00 AM IST
Jabalpur:गंदे नालों से सब्जी की खेती पर हाई कोर्ट सख्त
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Jabalpur जबलपुर : जबलपुर में नालों के गंदे और रासायनिक रूप से प्रदूषित पानी से सब्जी उगाए जाने के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार किया। कोर्ट ने कलेक्टर समेत संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की खेती जनता की सेहत से खिलवाड़ है और प्रशासन की लापरवाही चिंताजनक है।
कोर्ट मित्र के रूप में नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दलीलों में बताया कि शहर के कई नाले सीवेज, डिटर्जेंट और रसायनों से भरे होते हैं। ऐसे पानी में सोडियम कार्बोनेट, सोडियम लारेथ सल्फेट और एल्काइल बेंजीन सल्फोनेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनसे हाइपरटेंशन, एलर्जी, त्वचा रोग, फेफड़ों की समस्याएं और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा पानी न केवल मिट्टी की उर्वरता खत्म करता है, बल्कि फसलों को भी जहरीला बना देता है।
जबलपुर के कछपुरा, विजय नगर, कचनारी और आसपास के क्षेत्रों में ओमती नाले के पानी से सब्जियाँ उगाए जाने की बात सामने आई है। इसी तरह गोहलपुर से बेलखाड़ू के बघौड़ा क्षेत्र तक मोती नाले के दूषित पानी का उपयोग खेती में किया जा रहा है। लोगों की थाली में पहुंच रही ये सब्जियाँ गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं। अदालत को यह भी बताया गया कि कभी ओमवती नदी कहा जाने वाला ओमती नाला आज सीवेज बहाव बनकर रह गया है, जहाँ केवल सेप्टिक टैंक और बाथरूम का पानी ही बहता है।
हाई कोर्ट ने पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर मानते हुए अधिकारियों से जवाब-तलब किया है कि शहर में इस तरह की जहरीली खेती पर अब तक रोक क्यों नहीं लगाई गई। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाएगा, ताकि नागरिकों की सेहत को खतरे से बचाया जा सके।
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