मध्य प्रदेश

Indore : दाऊदी बोहरा समुदाय मुहर्रम की तैयारी, 1448 हिजरी से अशरा मुबारक शुरू

Kavita2
15 Jun 2026 11:48 AM IST
Indore : दाऊदी बोहरा समुदाय मुहर्रम की तैयारी, 1448 हिजरी से अशरा मुबारक शुरू
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : दाऊदी बोहरा समुदाय इस वर्ष मुहर्रम को गहरी धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारी में जुटा है। हिजरी नववर्ष 1448 की शुरुआत सोमवार से हो रही है, जिसके साथ ही शहर में धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो जाएगी।

Indore में समुदाय द्वारा नौ दिवसीय अशरा मुबारक वाज़ (धार्मिक उपदेश) का आयोजन किया जाएगा, जो मुहर्रम 2 (16 जून) से मुहर्रम 10 (24 जून) तक चलेगा। यह कार्यक्रम शहर के विभिन्न सामुदायिक मस्जिदों और केंद्रों में आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में अनुयायी भाग लेंगे।

इस वर्ष अशरा मुबारक वाज़ का मुख्य संबोधन हिज होलीनेस सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन द्वारा लंदन से दिया जाएगा। उनके संदेश को विभिन्न स्थानों पर स्थानीय वाज़ प्रचारकों द्वारा आगे प्रसारित किया जाएगा, जिससे समुदाय के लोगों तक धार्मिक शिक्षाएं पहुंचाई जाएंगी।

कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में जिम्मेदार वाज़ प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। इनमें बाबाजी नगर में जनाब इदरीस भाई नूर भाई, मसाकिन सैफिया में जनाब यूसुफ भाईसाहब बुरहानी, नूरानी नगर में जनाब मुफद्दल भाईसाहब नोमानी, बोहरा बाखल में शेख मुर्तजा अंबावाला और सियागंज में शेख मंसूर भाई रंगूनवाला शामिल हैं।

इसी तरह अल अकमर मोहल्ले में शेख अली असगर भाई रंगवाला, हैदरी टाउनशिप में जनाब मोइज़ भाईसाहब, न्यू सैफी नगर में शेख ताहा भाई कालोनवाला, छावनी क्षेत्र में जनाब अब्दुल कादिर जानूवाला, राऊ में शेख हुसैन भाई शाकिर और बद्री बाग में शेख कायद जौहर भाई शाकिर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

समुदाय के अनुसार, अशरा मुबारक केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक शिक्षा, एकता और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का भी माध्यम है। इस दौरान धार्मिक उपदेशों के माध्यम से जीवन मूल्यों, अनुशासन और सेवा भावना पर विशेष जोर दिया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कुल मिलाकर, इंदौर में मुहर्रम और अशरा मुबारक का यह आयोजन धार्मिक आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी अपेक्षित है।

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